
“खड़गे की सभा में धार्मिक नारे लगे हों तो भाजपा प्रमाण पेश करे” — सूर्यकांत धस्माना
हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धिकरण प्रकरण पर कांग्रेस का भाजपा पर फिर हमला
*देहरादून:* बीती 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष *श्री मल्लिकार्जुन खड़गे* की ऐतिहासिक रैली में अगर एक भी धार्मिक नारा लगा हो तो उसका सुबूत जनता के सामने रखे भाजपा। यह चुनौती *एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना* ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष *महेंद्र भट्ट*, मुख्यमंत्री *श्री पुष्कर सिंह धामी* व केंद्रीय राज्य मंत्री *श्री अजय टम्टा* के सामने रखी।
अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री धस्माना ने कहा कि प्रदेश व केंद्र में भाजपा की सरकारें हैं और श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी *जेड प्लस सुरक्षा* वाले वीवीआईपी हैं, इसलिए उनकी सभा स्थल में केंद्रीय व राज्य की सभी सुरक्षा एजेंसियां मौजूद रहती हैं व उस आयोजन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होती है। इसलिए केंद्र व राज्य सरकार की खुफिया एजेंसियों के पास निश्चित रूप से वह फुटेज अवश्य होगा जिसमें तथाकथित धार्मिक नारों की बात ये तीनों नेता कह कर रामलीला मैदान के शुद्धिकरण को जायज ठहरा रहे हैं।
श्री धस्माना ने कहा कि वास्तविकता यह है कि हल्द्वानी रैली की अपार सफलता के चलते भाजपा में भारी बौखलाहट व घबराहट है और उसी से परेशान होकर भाजपा ने अपने अराजक समर्थकों से उत्तराखंड की जनता को जातीय आधार पर भड़काने व बांटने के लिए यह षडयंत्र रचा। और जब राज्यसभा में इस प्रकरण को स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री खड़गे जी ने उठाया तो आनन-फानन में नेता सदन व केंद्रीय मंत्री *श्री जे.पी. नड्डा* ने मामले की निंदा की व आरोपियों से अपना पल्ला झाड़ लिया।
किंतु अब उत्तराखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा द्वारा शुद्धिकरण वालों के कृत्य का यह कह कर बचाव करना कि रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली में धार्मिक नारे लगाये गए इसलिए शुद्धिकरण हुआ, अपने आप में अपराध की स्वीकारोक्ति है और पूरे देश के सामने यह बात स्पष्ट हो गई है कि भाजपा वास्तव में *दलित, पिछड़ा व गरीब विरोधी* है।
श्री धस्माना ने कहा कि प्रदेश की जनता इस अपराध के लिए भाजपा को माफ नहीं करेगी।
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