श्रीनगर गढ़वाल, : स्थानीय गैस एजेंसी में LPG सिलेंडरों की लगातार कमी और बढ़ती भीड़ के कारण उत्पन्न तनाव में एजेंसी मैनेजर ने मानसिक दबाव में आकर कांच से अपना हाथ काट लिया। घटना में मैनेजर घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
घटना गुरुवार सुबह हुई जब गैस की गाड़ी गोदाम पहुंची और सिलेंडर लेने आए उपभोक्ताओं तथा एजेंसी कर्मचारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बीते कई दिनों से क्षेत्र में LPG सिलेंडरों की भारी किल्लत बनी हुई है, जिसके चलते एजेंसी पर भारी भीड़ उमड़ रही थी। सीमित आपूर्ति और लगातार बढ़ती मांग के कारण कर्मचारियों पर काम का दबाव काफी बढ़ गया था।
इसी तनावपूर्ण माहौल में विवाद बढ़ने पर मैनेजर ने आपा खो दिया और खुद को चोट पहुंचा ली। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार चोट गंभीर नहीं है और नस नहीं कटी है। फिलहाल मैनेजर खतरे से बाहर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के कारण गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, जबकि सरकारी स्तर पर पर्याप्त सप्लाई का दावा किया जा रहा है। हकीकत में एजेंसियों को पहले की तुलना में कम सिलेंडर मिल रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच रोजाना नोंकझोंक की स्थिति बन रही है।
यह घटना न केवल LPG आपूर्ति व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि लगातार दबाव और अव्यवस्था किस तरह किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील की जा रही है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारू करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि आम उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मचारियों पर पड़ रहे दबाव को कम किया जा सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
