
देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध खेल विशेषज्ञ, पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी, रेफरी, इंटरनेशनल कोच एवं राज्य आंदोलनकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत के जीवन और संघर्ष पर आधारित डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म “खतरों के खिलाड़ी” का चयन 11वें देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल-2026 के लिए किया गया है। यह उत्तराखंड के खेल जगत के लिए गौरव की बात है।
मुंबई की BI Sports Production के राकेश और प्रिया द्वारा निर्मित यह 10 मिनट 29 सेकंड की डॉक्यूमेंट्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत के संघर्ष, खेल के प्रति समर्पण और युवाओं को नशे एवं अस्वस्थ जीवनशैली से दूर रखने के उनके अभियान को दर्शाती है।
फिल्म में दिखाया गया है कि डॉ. रावत पिछले 27 वर्षों से स्वयं तथा उनकी देहरादून फुटबॉल एकेडमी (DFA) पिछले 15 वर्षों से युवाओं को नशे और फास्ट फूड से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं तथा उन्हें खेल के माध्यम से बेहतर और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।
डॉ. रावत ने अपने जीवन में 19 मेजर एक्सीडेंट का सामना करने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। आज 57 वर्ष की उम्र में भी वे फिट रहकर युवाओं को खेल, अनुशासन, सकारात्मक सोच और संघर्ष के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। खेलों के विकास और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए उनके योगदान के चलते उन्हें अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
डॉ. रावत ने बताया कि देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के निदेशक राजेश शर्मा ने फिल्म देखने के बाद ई-मेल के माध्यम से इसकी आधिकारिक जानकारी दी कि “खतरों के खिलाड़ी” का चयन फिल्म फेस्टिवल के लिए कर लिया गया है।
फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 2, 3 और 4 अक्टूबर 2026 को देहरादून के PVR तथा Tula’s International School, Dehradun में किया जाएगा। फिल्म फेस्टिवल में बॉलीवुड के प्रसिद्ध कलाकार एवं फिल्म जगत से जुड़े जाने-माने लोग, जिनमें मुकेश खन्ना, लिलिपुट, दर्शन जरीवाला, रंजीत शोरे, जमील खान और सुदीप्तो सेन सहित अन्य हस्तियां शामिल होंगी। इस अवसर पर डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को भी सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है।
डॉ. रावत के जीवन पर इससे पहले भी एक शॉर्ट फिल्म बनाई जा चुकी है, जिसे गोवा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी सम्मान/पहचान प्राप्त हो चुकी है।
डॉ. रावत ने सभी खेलप्रेमियों, युवाओं और आमजन से अपील की है कि वे 2, 3 और 4 अक्टूबर को फिल्म फेस्टिवल में पहुंचकर “खतरों के खिलाड़ी” जरूर देखें। उन्होंने कहा कि उनकी जीवन यात्रा संघर्ष, साहस और निरंतर कर्म करने का संदेश देती है।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, “जीवन में कभी निराश और हताश न हों। परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, कर्म करते रहें। निरंतर मेहनत और संघर्ष का फल एक दिन जरूर मिलता है।”
