केदारनाथ बद्रीनाथ, गंगोत्री समेत चारों धामों के मंदिर परिसरों के 50 मीटर के दायरे में सरकार ने मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। धामो में रेल बनाकर भ्रामक सूचनाओं फैलाने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ऐसे में वहां श्रद्धालु ना मोबाइल का इस्तेमाल कर पाएंगे ना ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए रील बना पाएंगे । मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को निर्देश जारी करते हुए आदेश का शक्ति से पालन करवाने के लिए कहा है। मुख्य सचिव ने कहा कि चार धाम में इस बार पिछले सालों की तुलना में कहीं अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ आ रही है । इस बढ़ती भीड़ के कारण धामों में दिक्कतें न हो इसके लिए भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है । मंदिर परिसर में मोबाइल से फोटो खींचना वीडियो बनाने के कारण आसपास अनावश्यक भीड़ हो रही है। रील बनाकर लोग गलत संदेश दे रहे हैं यह एक तरह का जुर्म है ऐसे करने वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यात्रा के लिए जाने वाले आस्था श्रद्धा के साथ आते हैं। जो लोग रील बना रहे हैं उनसे साफ है कि वह श्रद्धा से नहीं आ रहे हैं बल्कि सिर्फ घूमने और रील बनाने के लिए आ रहे हैं । इनके कारण श्रद्धा से आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसी की भी आस्था को ठेस न पहुंचे। जो लोग ऐसा कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया पर कई पुराने वीडियो भी हैं जिनमें केदारनाथ में 10 मई से हड़ताल होने वाली वीडियो सबसे ज्यादा वायरल हो रही है आगे भी हड़ताल जारी रहने की बात कही जा रही है। जबकि वहां हड़ताल खत्म हो चुकी है इधर ट्रैवल डी कबीर कहीं दिन से केदारनाथ में है और लगातार अपडेट दे रहे हैं वहां ₹1100 में वीआईपी दर्शन होने के बाद का लगातार प्रसारित कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई पुराने वीडियो भी शेयर किया जा रहे हैं। इसीलिए सरकार द्वारा चारों धामों में मंदिर परिसर में मोबाइल का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है।
