
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मालदेवता, रायपुर, देहरादून के जन्तु विज्ञान विभाग द्वारा स्नातकोत्तर छात्रों के लिए करियर काउंसलिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य वक्ताओं के रूप में प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. मधु थपलियाल, डॉ. धर्मेन्द्र सिंह राठौर तथा डॉ. कविता काला ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। वक्ताओं ने फॉरेस्ट सर्विसेज़, सिविल सर्विसेज़, लेक्चररशिप, उच्च शिक्षा, वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया, फिशरीज, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी तथा अन्य क्षेत्रों में संभावित करियर अवसरों की जानकारी दी। साथ ही मत्स्य पालन, पोल्ट्री कल्चर और उद्यमिता क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। अपने उद्बोधन में प्रो. डॉ. मधु थपलियाल ने छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि एम.एस.सी. पूरी करने से पहले ही अपने करियर का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए ताकि भविष्य में अनावश्यक भटकाव न हो। उन्होंने छात्रों से अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण रखने, आवश्यक जानकारियाँ समय पर प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रभावी टाइम मैनेजमेंट व रोडमैप तैयार करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि जीवन में उच्च चरित्र, सच्चाई और ईमानदारी का विशेष महत्व है, जिससे व्यक्ति एक आदर्श नागरिक बनता है और पेशेवर जीवन में इन मूल्यों के समावेश से जीवन और करियर दोनों उत्कृष्ट बनते हैं। कार्यक्रम में एम.एस.सी. तृतीय सेमेस्टर के छात्र उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे
कार्यशाला में डॉ. धर्मेन्द्र राउतफोर्ड द्वारा छात्र-छात्राओं को पोल्ट्री कल्चर के माध्यम से रोजगार प्राप्त करने की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि जो छात्र पोल्ट्री उद्योग को अपनाना चाहते हैं, उनके लिए सरकार द्वारा सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। डॉ. कविता काला ने मत्स्य कल्चर को भी उद्यम के रूप में अपनाने की सलाह दी, और बताया कि विद्यालय में मत्स्य विज्ञान एक विशेष विशेषज्ञता के रूप में संचालित है, अतः प्रत्येक छात्र इसे अपने करियर विकल्प के रूप में चुन सकता है। सभी बिंदुओं पर छात्र-छात्राओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, उत्सुकता दिखाई और कई प्रकार के प्रश्न भी पूछे।”
