उत्तराखंड में 3 जिलों में बादल फटने से गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक मची भारी तबाही
गढ़वाल में 8 से अधिक लापता, कुमाऊं में 6 की मौत
उत्तराखंड में आफत की बारिश ने गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक भारी तबाही मचाई है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में धराली आपदा के बाद थराली में बादल फटने से मची तबाही के बाद अब 03 जिलों (रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी) में बादल फटने/अतिवृष्टि से भारी जान-माल के नुकसान की सूचना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग के बसुकेदार और जखोली तहसील में बादल फटने से आए मलबे में छेनागाड़, तालजामण, स्यूर में घर और वाहन दब गए। यहां एक महिला की मौत, जबकि 08 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, चमोली के देवाल मोपाटा गांव में बादल फटने से एक घर उसकी जद में आ गया, जिसमें एक दंपती के दबने की जानकारी मिल रही है। टिहरी में भी अतिवृष्टि से भिलंगना क्षेत्र में भारी नुकसान की बात सामने आ रही है। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के पास पापड़ गाड़ में भागीरथी नदी में झील बन जाने से नई चुनौती खड़ी हो गई है।
जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना के चलते मलबा आने से कुछ क्षेत्रों में नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन आपदा कंट्रोल रूम से लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी जिलास्तरीय अधिकारी जिला आपदा कंट्रोल रूम में परस्पर समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में NH, PWD, PMGSY की अलग अलग टीम रास्ता खोलने के लिए जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं। जिला स्तर से विभिन्न अधिकारियों को संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं अन्य कार्मिकों के साथ प्रभावित ग्रामों में तत्काल कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है।
दूसरी तरफ कुमाऊं मंडल के बागेश्वर के पोसारी गांव में भूस्खलन से एक भवन के ध्वस्त हो जाने के कारण 05 व्यक्तियों की मौत की सूचना है। निरंतर जारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और जगह-जगह भूस्खलन से सड़कें भी बाधित हैं। पौड़ी में अलकनंदा का पानी बदरीनाथ राजमार्ग तक पहुंच रहा है और उत्तरकाशी में गंगोत्री व यमुनोत्री राजमार्ग बाधित चल रहा है। हल्द्वानी में भीमताल को जोड़ने वाला मार्ग रानीबाग के पास बाधित हो गया है। इसके आलावा ऐसी सूचना भी आ रही है कि खटीमा में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई है।