
आज दिनांक 05 जून 2026 को उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना द्वारा एग्नेस कुंजे सोसायटी द्वारा संचालित *होप होम, सिंहनीवाला* का निरीक्षण किया गया।




उल्लेखनीय है कि आयोग को होप होम में निवासरत एक बालिका के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया था कि संबंधित बालिका को पूर्व में अपने घर जाने अथवा परिवार से मिलने में किसी प्रकार की कोई आपत्ति या समस्या नहीं थी, किन्तु वर्तमान में उसने अपने परिवार के पास जाने से इनकार कर दिया है। इस परिस्थिति को गंभीरता से लेते हुए आयोग द्वारा मामले का संज्ञान लिया गया तथा संस्थान का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. गीता खन्ना ने संस्थान में निवासरत बालिकाओं से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल, पारिवारिक संपर्क एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बालिकाओं की भावनात्मक स्थिति तथा उनके परिवारों से संबंधों के विषय में भी विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि बच्चों का अपने परिवार, संस्कृति और सामाजिक परिवेश से जुड़ाव उनके समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझना आवश्यक है कि कुछ बच्चे अपने परिवारों से विमुख क्यों हो रहे हैं। यदि किसी संस्था या अन्य कारणों से बच्चों और उनके परिवारों के बीच अनावश्यक दूरी उत्पन्न हो रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान संस्थान के अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया। आयोग की अध्यक्ष द्वारा संस्थान प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि संस्थान से संबंधित समस्त दस्तावेज, अभिलेख एवं आवश्यक विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, ताकि प्राप्त शिकायत के संबंध में विस्तृत परीक्षण एवं तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा सके।
डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा, पारिवारिक संरक्षण एवं कल्याण से जुड़े मामलों में आयोग पूर्णतः संवेदनशील है तथा किसी भी प्रकार की शिकायत पर निष्पक्ष, पारदर्शी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) के अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
