बालिकाओं के अधिकार, सुरक्षा और सशक्तीकरण पर जोर: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियां सम्मानित
बालिकाओं को भयमुक्त वातावरण और समान अवसर देना समाज की जिम्मेदारी: डॉ. गीता खन्ना
बालिकाओं की प्रतिभा को मिले उड़ान, अधिकारों के प्रति जागरूकता जरूरी
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा कार्यक्रम का आयोजन
देहरादून, 12 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके संरक्षण, शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण को प्रोत्साहित करना तथा बच्चों की सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शिव कुमार बरनवाल, सचिव, उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, अधिकारों के संरक्षण तथा उन्हें सुरक्षित एवं समान अवसर उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया। सचिव डा0 शिव कुमार बरनवाल द्वारा मा0 अध्यक्ष महोदया डा0 गीता खन्ना का शाॅल व पौधा भेेंट कर स्वागत किया गया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. गीता खन्ना, माननीय अध्यक्ष, उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा की गई। अपने संबोधन में उन्होंने बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, आत्मविश्वास एवं समान अवसरों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, जिसमें वे बिना किसी भय के अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें और समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों द्वारा गणेश वन्दना के साथ दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। आयोग की मा0 अध्यक्ष महोदया व सचिव द्वारा आयोग के मा0 सदस्यों का शाॅल व पौधा भेंट कर स्वागत किया, जिसके उपरान्त मंचाशीन महानुभावों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड के जनपदों से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को ट्राॅफी व प्रशष्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पंचम बाल विधान सभा 2026 में उत्तराखण्ड के प्रत्येक जनपद से चयनित बाल विधायक भी उपस्थित रहें।
कार्यक्रम में आयोग के श्रीमती मधु भट्ट, राज्य मंत्री, श्री अजय वर्मा मा0 मेयर, अल्मोडा व पूर्व सदस्य, उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग, मा0 सदस्य श्री योगेश सिंह रजवार, मा0 सदस्य श्री दयाल सिंह बिष्ट व श्रीमती बबीता सहोत्रा, मा0 अध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग, श्रीमती एश्वर्या रावत, उपाध्यक्ष, महिला आयोग, श्रीमती नमिता ममगाई, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, देहरादून, श्री विनोद कपरवाण, पूर्व सदस्य, उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग, डा0 सतीश कुमार सिंह, अनुसचिव, उत्तराखण्ड बाील अधिकार सरंक्षण आयोग, श्रीमती अंजना गुप्ता, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी, श्रीमती मीना बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री सौमेन घोष, निदेशक, प्लान इण्डिया, श्रीमती संगीता गौढ, सहनिदेशक, जस्ट राईटस, आदि उपस्थित रहें।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी माननीय अध्यक्ष एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा हेण्डबुक आॅन चाईल्ड राईटस फार स्टेकहोल्डर तथा हेण्डबुक आॅन चाईल्डराईटस फार चिल्डन पुस्तिकाओं का विमोचन किया गया। इन पुस्तिकाओं का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों, संबंधित हितधारकों एवं विभिन्न संस्थाओं को बाल अधिकारों, उनके संरक्षण और संवर्धन के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है। इन पुस्तिकाओं के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा बाल अधिकारों के संरक्षण की दिशा में कार्यरत सभी हितधारकों को मार्गदर्शन प्रदान करने की पहल की गई।
श्री दयाल सिंह बिष्ट, माननीय सदस्य, उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अपने संबोधन में बालिकाओं की सुरक्षा, गरिमा एवं अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रोत्साहनपूर्ण वातावरण का निर्माण करना सामूहिक जिम्मेदारी है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।
इसी क्रम में श्रीमती बबीता सहरोत्रा, माननीय सदस्य, उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बालिकाओं की शिक्षा, सामाजिक सहभागिता एवं सशक्तीकरण के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने तथा उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उत्तराखण्ड बाल अधिकार आयोग की मा0 अध्यक्ष महोदया डा0 गीता खन्ना द्वारा आयोग के आयेाग के पूर्व सदस्य श्री विनोद कपरवाण, श्री अजय वर्मा, डा0 शिव कुमार बरनवाल, सचिव, डा0 सतीश कुमार सिंह, अनुसचिव, श्रीमती ममता रौथाण, विधि अधिकारी, श्री संदीप कुमार सकलानी, सहायक लेखाकार, श्रीमती शान्ति भट्ट, कनिष्ठ सहायक, सुश्री अंजली मौर्या, डी0ई0ओ0, श्री विवेक कुमार, अनुसेवक व श्री जगदीश सिंह बिष्ट, अनुसेवक को पैन स्टैण्ड व प्रशस्ति पत्र देकर उनके कार्यो व सहयोग के लिये अभिवादन व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान बाल अधिकारों एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने हेतु समाज को प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सतीश कुमार सिंह, अनुसचिव, उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उपस्थित प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।

