Homeराज्य समाचारउत्तराखंडराष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर गूंजा स्वस्थ भारत का संदेश:  आयुर्वेद को जन-जन...

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर गूंजा स्वस्थ भारत का संदेश:  आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

आयुर्वेद दिवस पर मंत्री मदन कौशिक बोले- समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे आयुर्वेद

11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयुर्वेद के शोध, नवाचार और जनस्वास्थ्य पर मंथन

निरोगी जीवन का मंत्र: राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर जुटे विशेषज्ञ और चिकित्सक

देहरादून, 23 सितंबर। निदेशालय, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं उत्तराखंड में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस-2026 का भव्य आयोजन “आयुर्वेद अपनाएं, स्वस्थ एवं निरोगी जीवन पाएं” थीम के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार, शोध, नवाचार और जनस्वास्थ्य में इसकी भूमिका पर व्यापक चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन, दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर श्रीमती रंजना राजगुरु सचिव, आयुष एवं आयुष शिक्षा उत्तराखंड शासन ने विशेष रूप में आयुर्वेद जीवन शैली आयुष लाइफस्टाइल को बढ़ावा दिया और स्वस्थ समाज के निर्माण में इसके महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं उत्तराखंड डॉ. आर.पी. सिंह ने स्वागत संबोधन में आयुर्वेद के महत्व और विभाग की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर आयोजित तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने आयुर्वेद के विविध आयामों पर अपने विचार साझा किए। डॉ. अनूप गक्खड़ ने “जीवनशैली जनित विकारों में आयुर्वेद”, डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने “रिसर्च एवं इनोवेशन इन आयुर्वेद”, वैद्य हर्ष सहगल ने “प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी इन आयुर्वेद”, डॉ. जे.एन. नौटियाल ने “आयुर्वेद में पंचकर्म का महत्व” तथा डॉ. राजीव कुरेले ने “धन्वंतरि पूजन : आयुर्वेद की शाश्वत परंपरा” विषय पर व्याख्यान दिए।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सचिव, आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग, उत्तराखंड शासन ने विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया और आयुर्वेद के व्यापक प्रसार की आवश्यकता बताई।
मुख्य अतिथि मदन कौशिक, मंत्री, आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार ने अपने संबोधन में आयुर्वेद को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय आयुर्वेद के विकास के लिए अत्यंत अनुकूल है तथा देश के सभी राज्य इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा एवं शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए आयुर्वेद शिक्षा बोर्ड की स्थापना, एकीकृत पाठ्यक्रम निर्माण तथा कौशल विकास हेतु नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
आयुष मंत्री ने कहा कि भारत सरकार आयुर्वेद को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम का समापन राज्य औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी, उत्तराखंड द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन में आयुष विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं बड़ी संख्या में आयुर्वेद प्रेमी उपस्थित रहे।

Static 1 Static 1
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News