
देवी भागवत कथा के विश्राम पर गूंजा गौ-संरक्षण का संदेश, धस्माना ने लिया संतों का आशीर्वाद
हवन-यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ देवी भागवत कथा का विश्राम, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
*”गाय तो युगों-युगों से सनातनियों की माँ है, सत्ता में बैठे लोग गाय को राष्ट्रमाता घोषित करें” – सूर्यकांत धस्माना*
*देहरादून, 20 सितम्बर 2026; पिछले आठ दिनों से बंजारावाला में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा का आज नौवें दिन धूम-धाम से हवन-यज्ञ व पूर्णाहुति के साथ विश्राम हो गया।

देश के प्रसिद्ध कथा वाचक *संत श्री गोपाल मणि जी महाराज* एवं *व्यास श्री सीता शरण जी महाराज* ने नौ दिनों तक परा-अंबा माँ भगवती के विभिन्न चरित्रों, स्वरूपों व लीलाओं की सुंदर व्याख्या की तथा माँ भगवती में गौ माता के अंश पर विशेष टीका की।
*संत श्री गोपाल मणि जी महाराज* ने कहा कि कलिकाल में माँ भगवती गाय के रूप में हमें नित्य दर्शन देती हैं, किन्तु हम उनके महत्व को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे हम माँ के आशीर्वाद से वंचित रह जाते हैं।
*व्यास श्री सीता शरण जी महाराज* ने कहा कि यदि हमें माँ भगवती को प्रसन्न करना है तो सर्वप्रथम गौ माता का सम्मान, सेवा व रक्षा करनी होगी, क्योंकि गौ माता में ही तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का वास है।
इस अवसर पर कथा श्रवण करने पहुँचे *अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री सूर्यकांत धस्माना* ने व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया और हवन-यज्ञ में आहुति दी।
इस अवसर पर *श्री धस्माना* ने कहा कि गाय तो युगों-युगों से सनातन धर्म में माँ के रूप में पूज्य रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग गाय के नाम पर सत्ता में आए हैं, उन्हें केवल नारेबाजी के बजाय गाय को राष्ट्रमाता घोषित करना चाहिए और गौ-रक्षा, गौ-सेवा व गौ-संरक्षण के लिए ठोस व प्रभावी कानून बनाना चाहिए।
कथा के विश्राम अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सादर
सूर्यकांत धस्माना
सदस्य एआईसीसी व
वरिष्ठ उपाध्यक्ष
प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड
