
स्वच्छ भारत मिशन को गति: माया देवी विश्वविद्यालय में चला व्यापक स्वच्छता अभियान
स्वच्छ परिसर, स्वस्थ भविष्य: माया देवी विश्वविद्यालय में क्लीनलीनेस ड्राइव आयोजित
जल संरक्षण और स्वच्छता पर जागरूक हुए विद्यार्थी, माया देवी विश्वविद्यालय में विविध गतिविधियां
स्वच्छता पखवाड़े के तहत विश्वविद्यालय परिसर में सफाई अभियान, छात्रों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
*माया देवी विश्वविद्यालय में स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन*
स्वच्छता, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल एवं जल संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत माया देवी विश्वविद्यालय में 7 से 15 सितंबर तक स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है।



*अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विश्वविद्यालय समुदाय में स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, स्वच्छता संबंधी आदतों, साफ-सफाई तथा जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।* स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न जागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय समुदाय के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता सही तरीके से हाथ धोने, स्वच्छता एवं साफ-सफाई तथा जल के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग को लेकर जागरूकता संवाद किया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। अभियान के अंतर्गत शिक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर के शौचालयों एवं वॉश एरिया का निरीक्षण भी किया गया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में उपलब्ध पाइप्ड वाटर सप्लाई की स्थिति की समीक्षा की गई तथा विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान जल जीवन मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप जल की उपलब्धता, स्वच्छ जल के महत्व तथा पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने की आवश्यकता पर भी जागरूकता प्रदान की गई।
*इस अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सहभागिता से क्लीनलीनेस ड्राइव भी चलाया गया।* इस दौरान आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की गई परिसर में उगी झाड़ियों एवं अनावश्यक वनस्पतियों को हटाया गया जिससे विश्वविद्यालय परिसर को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाया जा सके। अभियान के दौरान पुराने रिकॉर्ड अनुपयोगी सामग्री एवं अन्य अपशिष्ट वस्तुओं को भी चिन्हित किया गया तथा उनका उचित निस्तारण किया गया इस पहल का उद्देश्य परिसर में अनावश्यक सामग्री के जमाव को कम करना तथा एक स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।
*इस अवसर पर संबोधित करते हुए वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल ने कहा कि, स्वच्छता केवल परिसर की सफाई तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन, बेहतर पर्यावरण और जिम्मेदार नागरिकता का आधार है। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए। यदि हम छोटी-छोटी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाएं तो इसका व्यापक प्रभाव समाज पर पड़ सकता है।*
*वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित विश्वविद्यालय परिसर विद्यार्थियों के स्वस्थ एवं सकारात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को सफल बनाने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है।माया देवी विश्वविद्यालय स्वच्छता, स्वच्छ जल, जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है *स्वच्छता पखवाड़े के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और सामुदायिक सहभागिता की भावना को मजबूत किया जा रहा है।*
स्वच्छता पखवाड़े में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति विश्वविद्यालय समुदाय की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों के फोटोग्राफ एवं वीडियो भी संकलित किए जा रहे हैं तथा प्रतिभागियों का विवरण संस्थागत रिकॉर्ड एवं रिपोर्टिंग के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है ताकि अगले वर्ष प्रदर्शनी के माध्यम से छात्रों द्वारा किए गए कार्य औरों के लिए प्रेरणा बन सके।
*स्वच्छता पखवाड़े के माध्यम से विश्वविद्यालय समुदाय को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता, स्वच्छता संबंधी आदतें और जल संरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।* सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही विश्वविद्यालय को एक स्वस्थ, सुरक्षित, स्वच्छ परिसर का निर्माण किया जा सकता हैं।
इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट प्रो डॉ तृप्ति जुयाल सेमवाल, वाइस चांसलर प्रो डॉ आशीष सेमवाल, रजिस्ट्रार श्रीमती अंबिका जुयाल, डीन एकेडमिक्स प्रो डॉ आर बी सिंह, डॉ महेंद्र पाल, डॉ सीता जुयाल , डॉ शिवानी गुलेरिया, डॉ विक्रम सिंह, डॉ सुरेश जुयाल, डॉ असद अहमद, डॉ अंजू गैरोला थपलियाल, डॉ प्रमोद कुमार सहित सभी स्कूल के शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।
