
बागेश्वर फुटबॉल चैंपियनशिप: गोवा एफसी का जलवा, पिथौरागढ़ को दी करारी शिकस्त
आल इंडिया फुटबॉल चैंपियनशिप में गोवा एफसी का दबदबा, पिथौरागढ़ 3-0 से पराजित
बागेश्वर। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले में आयोजित आल इंडिया प्राइज मनी फुटबॉल चैंपियनशिप रोमांचक दौर में पहुंच गई है। नुमाइश मैदान में खेले गए पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गोवा एफसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पिथौरागढ़ एफसी को 3-0 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।

उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय चंदन राम दास जी की स्मृति में फ्रेंड्स क्लब बागेश्वर द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन क्लब के अध्यक्ष मनोज कपकोटी, सचिव कमल शाह जगाती एवं आयोजन समिति के सदस्यों के सहयोग से किया जा रहा है। प्रतियोगिता का शुभारंभ 30 अगस्त 2026 को हुआ था तथा फाइनल मुकाबला 15 सितम्बर 2026 को खेला जाएगा।
गोवा एफसी का शानदार प्रदर्शन, 3-0 से दर्ज की जीत
पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गोवा एफसी और पिथौरागढ़ एफसी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। गोवा एफसी के खिलाड़ियों ने पूरे मैच में बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया।
गोवा एफसी की ओर से रोहित ने 35वें मिनट, वॉइसनटे ने 65वें मिनट तथा गंजा ने 89वें मिनट में गोल कर अपनी टीम को 3-0 की शानदार जीत दिलाई। इस जीत के साथ गोवा एफसी ने प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का कर लिया।
कल नेपाल एफसी और हल्द्वानी एफसी आमने-सामने
प्रतियोगिता का अगला क्वार्टर फाइनल मुकाबला नेपाल एफसी और हल्द्वानी एफसी के बीच खेला जाएगा। इस मुकाबले को लेकर भी बागेश्वर के खेल प्रेमियों में खासा उत्साह बना हुआ है।
देश-विदेश की 12 मजबूत टीमें ले रही हैं हिस्सा
फ्रेंड्स क्लब बागेश्वर के सचिव कमल शाह जगाती ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए देश-विदेश से कुल 48 टीमों की एंट्री प्राप्त हुई थी, जिनमें से श्रेष्ठ 12 टीमों को प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर दिया गया है।
प्रतियोगिता में BNFC मुंबई, गोवा एफसी, मुनस्यारी एफसी, पिथौरागढ़ एफसी, मऊ स्पोर्ट्स स्टेडियम, दिल्ली एफसी, बागेश्वर एफसी, नेपाल एफसी, मध्य प्रदेश एफसी, बंगाल एफसी तथा हल्द्वानी एफसी सहित देश-विदेश की प्रतिष्ठित टीमें प्रतिभाग कर रही हैं।
आयोजन समिति की ओर से सभी प्रतिभागी टीमों के खिलाड़ियों एवं अधिकारियों के लिए आवास, भोजन और स्थानीय आवागमन की समुचित व्यवस्था की गई है।
डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को सौंपी गई तकनीकी जिम्मेदारी
प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक एवं निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप संचालित करने के लिए उत्तराखंड के प्रसिद्ध पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी, रेफरी, इंटरनेशनल कोच एवं राज्य आंदोलनकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को टेक्निकल डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रतियोगिता के लिए अनुभवी रेफरियों की टीम में भूपाल सिंह नेगी, मनोज नेगी, प्रकाश रोनी, हर्षित चौहान, सनम पुन एवं विमल सिंह रावत को शामिल किया गया है। वहीं किशन कुमार को मैच कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है।
विजेता को ₹1.51 लाख और पांच फीट की ट्रॉफी
आयोजन समिति के सचिव कमल शाह जगाती ने बताया कि प्रतियोगिता की विजेता टीम को पांच फीट की शानदार ट्रॉफी एवं ₹1,51,000 नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उपविजेता टीम को चार फीट की आकर्षक ट्रॉफी एवं ₹51,000 नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बेस्ट गोलकीपर एवं बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट सहित विभिन्न व्यक्तिगत पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
रोजाना शाम चार बजे हो रहे रोमांचक मुकाबले
प्रतियोगिता लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में खेली जा रही है। रोजाना शाम चार बजे नुमाइश मैदान में रोमांचक मुकाबले हो रहे हैं। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मैदान पहुंच रहे हैं। बागेश्वर में फुटबॉल को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
विदेशी खिलाड़ी बने आकर्षण का केंद्र
प्रतियोगिता में सूडान, नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों की मौजूदगी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय खेल प्रेमियों में विदेशी खिलाड़ियों के साथ सेल्फी लेने को लेकर भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रतियोगिता के मुकाबलों और खिलाड़ियों की गतिविधियों को लोग सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार साझा कर रहे हैं।
आधुनिक फुटबॉल नियमों के अनुरूप हो रहा प्रतियोगिता का संचालन
टेक्निकल डायरेक्टर डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि प्रतियोगिता में फुटबॉल के नवीनतम नियमों और तकनीकी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए मुकाबलों का संचालन किया जा रहा है। रेफरियों को प्रतियोगिता से पूर्व आवश्यक प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया है, ताकि सभी मुकाबले निष्पक्ष एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न हो सकें।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक मुकाबले का संचालन अनुभवी एवं प्रशिक्षित रेफरियों द्वारा किया जा रहा है।
प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का मिल रहा सहयोग
डॉ. रावत ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान बागेश्वर जिले के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, जिलाधिकारी, विधायक, सांसद तथा वरिष्ठ आईएएस एवं आईपीएस अधिकारी खिलाड़ियों और आयोजन समिति का उत्साहवर्धन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बागेश्वर में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की भागीदारी वाली इस प्रतियोगिता का आयोजन स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर मंच प्रदान करने के साथ-साथ उत्तराखंड में फुटबॉल के विकास और खेल पर्यटन को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आयोजन समिति ने सभी खेल प्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में नुमाइश मैदान, बागेश्वर पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें और इस भव्य फुटबॉल प्रतियोगिता को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।
