
देहरादून,: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज गौ संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय में महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल और प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत प्रार्थना पत्र (ज्ञापन) सौंपा गया। यह ज्ञापन भजन गायक और प्रमुख समाज सेवी ब्रजेश शुक्ल (गौ पुत्र) के नेतृत्व में जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा गया।
गैर-जमानती गिरफ्तारी और कड़े दंड की मांग
सौपे गए प्रार्थना पत्र में देश और राज्य स्तर पर गौ हत्या को पूर्णतः प्रतिबंधित करने की पुरजोर वकालत की गई है। मांग की गई है कि गौ हत्या जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट और कठोरतम सजा का कानूनी प्रावधान किया जाए।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि कानून को अधिक सख्त बनाकर ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी लगाम लगाई जा सकती है।
पृथक गौ मंत्रालय और ‘राज्य माता’ का दर्जा देने का आह्वान
इस अभियान के तहत एक अन्य प्रमुख मांग यह रखी गई है कि गौवंश के पालन, पोषण और वैज्ञानिक रूप से उनके संरक्षण के लिए एक समर्पित ‘गौ मंत्रालय’ का गठन किया जाए। इसके साथ ही, जनभावनाओं और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए ‘गौ माता’ को ‘राज्य माता’ (राष्ट्र माता) और राज्याराध्य घोषित करने की विशेष अपील की गई है।
वरिष्ठ नागरिकों और समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर भजन गायक ब्रजेश शुक्ला के साथ कानूनी और सामाजिक क्षेत्र की कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। इनमें मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता मनमोहन शर्मा , समाज सेवी हरि किशन पेटवाल (गौ पुत्र), तथा गौ पुत्री भावना और रिया सहित भारी संख्या में अन्य गौभक्त और जागरूक नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में “गौ माता राष्ट्र माता” के नारे लगाकर इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
