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नंदा की चौकी को लेकर फूटा जनाक्रोश: जांच की मांग को लेकर कॉंग्रेस बैठी धरने पर 

राज्य में ध्वस्त पड़ी सड़कों और दरकते पुलों के खिलाफ एक्शन में कांग्रेस

‘ईंट से लेकर सरिया तक सब हजम’- पुल गिरने पर लगाया  प्रदर्शनकारियों का आरोप, कॉंग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना बैठे धरने पर

प्रेमनगर के ध्वस्त पुल पर सुबह धरने में बैठे धस्माना शाम को
प्रदेश भर में ध्वस्त पड़े संपर्क मार्गों राज्य मार्गों व राष्ट्रीय राज मार्गों व प्रेमनगर पुल के मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव को कांग्रेसियों ने दिया मांग पत्र

देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देहरादून शहर को ग्रामीण पछवादून, जन जातीय क्षेत्र जौनसार भाबर व हिमाचल को जोड़ने वाले टौंस नदी पर ऐतिहासिक पुल के सहसपुर वाली ओर के सिरे की सड़क बीस बाय तीस फीट का गहरा गड्ढा हो जाने से पुल पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। इसकी सूचना मिलते ही एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना सुबह सुबह मौके पर साथियों के साथ पहुंच गए व सड़क के बीचों बीच धरने पर बैठ कर पीडब्लूडी मंत्री सतपाल महाराज को बर्खास्त करने, पुल के पुनर्निर्माण में लगे अभियंताओं व ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्यवाही करने की मांग करने लगे। वहाँ एकत्रित स्थानीय जनता व कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री धस्माना ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और इसका उदाहरण यह टौंस नदी पर बना यह पुल है जो पिछले साल बरसातों में हो क्षतिग्रस्त हुआ था और बनने में पूरा एक साल लग गया और सोलह करोड़ रुपए की लागत से बने पुल को दोबारा शुरू हुए अभी सोलहवां दिन ही था कि पुल का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। श्री धस्माना ने कहा कि जब यह हाल प्रदेश की राजधानी का है तो पूरे प्रदेश के दूर दराज के उन इलाकों की सड़कों पुलों की हालत की कल्पना की जा सकती है।

श्री धस्माना ने कहा कि प्रदेश भर में गढ़वाल मंडल और कुमाऊं मंडल में दो सौ से ज्यादा संपर्क मार्ग हैं जो ध्वस्त पड़े हुए हैं जिनके कारण स्थानीय ग्रामीण अपना उपचार करवाने सीएचसी पीएचसी व जिला अस्पताल नहीं जा पर रहे हैं , स्कूलों के भवन जर्जर पड़े हैं और अनेक स्कूलों तक पहुंचने के रास्ते बंद पड़े हैं। श्री धस्माना ने कहा कि राज्य राज मार्गों व राष्ट्रीय राज मार्गों की स्थिति भी काफी खराब है ऐसे में प्रदेश की बड़ी आबादी अपने स्वास्थ्य केंद्रों जिला अस्पतालों व राज्य की राजधानी से कटे हुए हैं और राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग सीन से ही नदारद है। श्री धस्माना ने कहा कि अकर्मण्य व भ्रष्टाचारी सरकार आपदा ग्रस्त क्षेत्रों की जनता को कोई राहत नहीं दे पा रही है और अब इसका एक ही तरीका है कि इस निकम्मी व भ्रष्ट सरकार को सत्ता से बेदखल कर जनता को राहत दिलवाने का कार्य किया जाए।
श्री धस्माना तीन घंटे सड़क पर ही संग्राम सिंह पुंडीर, सुमित खन्ना, खुशबू गुरुंग, जितेंद्र तनेजा, सुशीला शर्मा, लक्की राणा, आकाश बिरला, वीरेश शर्मा, अनुज दत्त शर्मा व अन्य साथियों के साथ धरने पर बैठे और फिर प्रदेश के मुख्य सचिव के कार्यालय से ज्ञापन देने का समय निर्धारित होने के बाद शाम साढ़े तीन बजे सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन से मिले व उनको ज्ञापन सौंप कर राज्य की ध्वस्त पड़ी सड़कों पुलों व संपर्क मार्गों को तत्काल मरम्मत व पुनर्निर्माण कर बहाल करने व प्रेमनगर पुल के निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच करने के संबंध में मांग पत्र सौंपा। श्री धस्माना के साथ कांग्रेस नेता संग्राम सिंह पुंडीर, युवा कांग्रेस महासचिव सुमित खन्ना प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।

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