
खैट पर्वत पर अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव: CA राजेश्वर पैन्यूली ने CM धामी से की मुलाकात
देहरादून : बीजेपी आर्थिक प्रकोष्ठ सह संयोजक एवम् प्रवक्ता CA राजेश्वर पैन्यूली ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर प्रतापनगर क्षेत्र के विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया है। जिनमें प्रताप नगर के खैट पर्वत पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की यूनिवर्सिटी स्थापित किए जाने, प्रताप नगर और थॉलधार के लोगों को झील झील में रोजगार देने समेत विभिन्न मामलों पर मुख्यमंत्री से बातचीत की है। मुख्यमंत्री ने सभी बातों को सुनकर उच्च प्राथमिकताओं और त्वरित गति से सभी पर उचित कार्यवाही करने की बात कही है।

बीजेपी आर्थिक प्रकोष्ठ सह संयोजक एवम् प्रवक्ता CA राजेश्वर पैन्यूली ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर प्रस्ताव दिया कि प्रताप नगर स्थित खैट पर्वत पर मदन मोहन मालवीय जी द्वारा स्थापित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की तर्ज पर एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की निजी (प्राइवेट) विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए। खैट पर्वत अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण तथा समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के कारण उच्च शिक्षा के एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होने की अपार संभावनाएँ रखता है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से उत्तराखण्ड सहित देश-विदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा तथा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक पहचान प्राप्त होगी।
इस विश्वविद्यालय को दिल्ली विश्वविद्यालय की तर्ज पर विभिन्न विषयों के अलग-अलग कैंपसों के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहाँ आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, योग, आयुर्वेद, भाषाएँ, पर्यावरण विज्ञान, वानिकी तथा पर्वतीय अनुसंधान के विशेष अध्ययन एवं शोध केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं। इससे उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक एवं जैव-विविधता पर आधारित अनुसंधान को भी नई दिशा मिलेगी।
पैन्यूली ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रताप नगर सहित सम्पूर्ण टिहरी जनपद के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क अथवा रियायती शिक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा सकती है।
आगे कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत-2047” के संकल्प को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा उत्तराखण्ड को उच्च शिक्षा के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा
