Homeराज्य समाचारहरिद्वार मनसा देवी मंदिर में पुजारियों की तलाशी पर भड़का ब्राह्मण समाज: ...

हरिद्वार मनसा देवी मंदिर में पुजारियों की तलाशी पर भड़का ब्राह्मण समाज:  महंत के रवैये पर जताया भारी रोष

 

हाथ ऊपर कराकर ली गई पुजारियों की तलाशी? मनसा देवी मंदिर विवाद में ब्राह्मण उत्थान परिषद ने दी आंदोलन की चेतावनी

पुजारियों के अपमान पर भड़की ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद, कहा- सनातन परंपरा के संरक्षकों का अनादर बर्दाश्त नहीं

*देहरादून, 24 जुलाई।* श्री मनसा देवी मंदिर हरिद्वार में ब्राह्मण पुजारियों के साथ कथित रूप से किए गए अपमानजनक व्यवहार के बाद ब्राह्मण समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया है। मंदिर के महंत श्री रविंद्र पुरी जी महाराज की मौजूदगी या निर्देशों के तहत पुजारियों की जिस प्रकार तलाशी ली गई, उसे लेकर ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने इस पूरे वाकये को पुजारियों की गरिमा और आत्मसम्मान पर सीधा हमला करार दिया है।

ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद के अध्यक्ष पं. सुभाष जोशी ने मामले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सुरक्षा या व्यवस्था के नाम पर इस तरह का व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। यदि मंदिर प्रबंधन को किसी प्रकार की जांच या संदेहास्पद मामले की पड़ताल करनी ही थी, तो उसका एक मर्यादित और सम्मानजनक तरीका होना चाहिए था। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आई खबरों के मुताबिक, पुजारियों को हाथ ऊपर उठाकर खड़ा किया गया और सार्वजनिक रूप से उनकी तलाशी ली गई।

वर्षों से श्रद्धालुओं की धार्मिक सेवा, पूजा-अर्चना और सनातन परंपराओं के संरक्षण में लगे पुजारियों के साथ इस तरह का बर्ताव बेहद पीड़ादायक है। परिषद का स्पष्ट कहना है कि किसी भी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल की भव्यता केवल उसकी दीवारों से नहीं, बल्कि वहां निष्ठापूर्वक सेवा दे रहे पुजारियों के सम्मान से तय होती है। संपूर्ण पुजारी वर्ग को कटघरे में खड़ा करके अपमानित करने से धार्मिक और सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

इस पूरे घटनाक्रम पर ब्राह्मण समाज ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि जिस भी स्तर पर पुजारियों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई गई है, उसके जिम्मेदार लोगों को सामने आकर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए और खेद प्रकट करना चाहिए। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने बेहद जरूरी हैं।

परिषद ने साफ किया है कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह का टकराव या विवाद पैदा करना नहीं है, बल्कि वे केवल सनातन धर्म के ध्वजवाहकों के मान-सम्मान की रक्षा करना चाहते हैं। मामले का समाधान केवल संवेदनशीलता, आपसी संवाद और न्यायपूर्ण तरीके से ही निकल सकता है।

हालांकि, ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद ने चेतावनी भी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही कोई उचित और सम्मानजनक कदम नहीं उठाया गया, तो समाज अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से आगे की रणनीति तैयार करने को मजबूर होगा।

विवाद के बीच आयोजित इस अहम बैठक में आगामी 19 अगस्त को हिंदी साहित्य के महान संत और सनातन धर्म के पुरोधा गोस्वामी तुलसीदास की जयंती को भव्य रूप से मनाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही परिषद के आगामी स्थापना दिवस के आयोजनों को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

इस बैठक की अध्यक्षता पंडित सुभाष चंद्र जोशी ने की, जबकि मंच का संचालन महासचिव उमानरेश तिवारी द्वारा किया गया। इस दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस. पी. पाठक, संगठन मंत्री पंडित शशिकान्त दूबे, प्रवक्ता डॉ. वी. डी. शर्मा, विजय शंकर पांडे और आचार्य दिवा कांत दुबे ने भी अपने विचार रखे और पुजारियों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

Static 1 Static 1
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News