
देहरादून। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के शुभ अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखंड के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर चकराता विधायक एवं #CEC सदस्य आदरणीय श्री प्रीतम सिंह जी ने कहा कि हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाए, पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने में अपना योगदान दे तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी करे। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा जब पौधे बड़े होकर वृक्ष बनें। इसके लिए समय-समय पर पानी देना, सुरक्षा करना और उनकी निगरानी करना आवश्यक है।
पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। विद्यालयों, मोहल्लों, सार्वजनिक स्थलों और घरों के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने चाहिए। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित उत्तराखंड बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
वहीं पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि हरेला हमारी सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति से जुड़ाव का पर्व है। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमें शुद्ध हवा, छाया, जल संरक्षण और बेहतर वातावरण प्रदान करते हैं, इसलिए पौधारोपण को जनआंदोलन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपने आसपास की खाली भूमि, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाने तथा उनकी सामूहिक रूप से देखभाल करने की अपील की।
इस दौरान , सोमप्रकाश वाल्मीकि, ओमप्रकाश, सुरेश परचा, शिवकुमार, निखिल कुमार, वीरेंद्र बिष्ट, ओमी यादव, गुलशन सिंह, अनूप कुमार, अशोक शर्मा, विजेंद्र चौहान, चंदेल, जहांगीर खान, मोहम्मद आसिफ, अमन सोड़ियाल एवं मोहन सिंह नेगी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा हरेला पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया.
