
चढ़ावा हेराफेरी मामले में दोषी को मिलेगी कानून के तहत सजा : बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी
देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कानून के अनुसार सजा मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में प्राथमिकी बीकेटीसी की ओर से ही दर्ज कराई गई है और आरोपी न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल में है। प्रकरण की विभागीय जांच के बाद उच्चस्तरीय जांच भी जारी है।
बीकेटीसी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में द्विवेदी ने कहा कि भगवान बदरीविशाल और बाबा केदारनाथ की परंपराओं, श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर समिति की प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंदिरों की व्यवस्था पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालित की जा रही है। बीकेटीसी अध्यक्ष ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित कर्मचारी की अस्थायी नियुक्ति और बाद में वैयक्तिक सहायक पद पर नियुक्ति कांग्रेस शासनकाल में हुई थी। उन्होंने कहा कि तथ्यों का जवाब देने के बजाय केवल राजनीतिक आरोप लगाना उचित नहीं है।
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उत्तराखंड सरकार के कार्यकाल में चारधामों के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और यात्रा प्रबंधन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ पुनर्निर्माण परियोजना, बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान, ऑल वेदर रोड परियोजना और बेहतर सड़क संपर्क जैसी योजनाओं से चारधाम यात्रा को नई पहचान मिली है। इससे श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है और राज्य में धार्मिक पर्यटन, स्थानीय व्यापार, रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों का भी विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। ऐसे में इन पवित्र धामों को राजनीतिक विवादों से दूर रखते हुए उनके संरक्षण, विकास और गरिमा बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।
द्विवेदी ने गणेश गोदियाल के बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 से 2018 के बीच उनके कार्यकाल में बिंसर मंदिर चौथान (पौड़ी) निर्माण पर चार करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा प्रतापनगर टिहरी में निजी भूमि पर सड़क निर्माण, निजी फर्म से डॉक्यूमेंट्री निर्माण और पोखरी स्थित शिव मंदिर जीर्णोद्धार पर मंदिर समिति कोष से धनराशि खर्च किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की भी सार्वजनिक रूप से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने एक बार फिर गणेश गोदियाल को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि वह बदरीनाथ या केदारनाथ धाम के पवित्र परिसर में आकर चर्चा करें और अपने कार्यकाल में मंदिर समिति के संसाधनों के उपयोग एवं निर्णयों पर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करें। द्विवेदी ने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी का नहीं, बल्कि सार्वजनिक उत्तरदायित्व और पारदर्शिता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और प्रदेश सरकार के कार्यकाल में चारधामों के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और यात्रा प्रबंधन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ पुनर्निर्माण परियोजना, बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान, ऑल वेदर रोड और बेहतर यातायात सुविधाओं से चारधाम यात्रा को नई गति मिली है। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन परंपरा के प्रतीक हैं। इन धामों को राजनीति का मंच बनाने के बजाय इनके संरक्षण और गरिमा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बर्थ्वाल और भाजपा प्रवक्ता हनी पाठक भी मौजूद रहे।
