
*देहरादून । राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) पर शुक्रवार को आयोजित आउटरीच कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा के लिए छोटी उम्र से निवेश पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एनपीएस संचय योजना के तहत किसान, छोटे कारोबारी और असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोग नियमित अंशदान कर भविष्य के लिए पेंशन निधि तैयार कर सकते हैं।
पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के अधिकारियों ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) उत्तराखंड और लीड बैंक कार्यालय (एलडीएम) देहरादून के सहयोग से राजपुर रोड स्थित एक होटल में कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और नैनो उद्यमियों को भारत सरकार की पेंशन योजना ‘एनपीएस संचय’ के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम में पीएफआरडीए की उप महाप्रबंधक डिंपल मित्तल और सहायक प्रबंधक सचिन राठी ने योजना की विशेषताओं और लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), भारतीय रिजर्व बैंक, एसएलबीसी उत्तराखंड, एलडीएम देहरादून और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटीआई) के अधिकारियों के साथ विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), किसान, नैनो उद्यमी, जन सेवा केंद्र संचालक और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भी मौजूद रहीं। सभी प्रतिभागियों ने पीएफआरडीए की इस पहल की सराहना की।
