देहरादून : वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, देहरादून में नवम दीक्षांत समारोह गरिमामयी ढंग से आयोजित हुआ। समारोह में 14 शोधार्थियों को पी.एच.डी. उपाधि प्रदान की गई तथा स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों के मेधावी विद्यार्थियों को 37 स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक दिए गए।
मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय कुलाधिपति ले. जनरल गुरमीत सिंह (पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम सेवानिवृत्त) ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री, उत्तराखण्ड उपस्थित रहे। अतिथि के रूप में डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, आई.ए.एस., सचिव, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा, उत्तराखण्ड शासन ने प्रतिभाग किया।
समारोह की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में 124 सीट क्षमता वाले नए महिला छात्रावास तथा टाइप-III आवास के लोकार्पण से हुई, जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, सचिव महोदय तथा कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर के करकमलों द्वारा किया गया।
विश्वविद्यालय सभागार में राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, कुलगीत, दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर ने सभी सम्मानित अतिथियों का शॉल एवं प्लांटर भेंट कर स्वागत किया तथा अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का भी हार्दिक स्वागत किया।
कुलपति का स्वागत उद्बोधन
कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की हालिया उपलब्धियों का उल्लेख किया:
• नवंबर 2024 से मार्च 2026 के दौरान 14 शोधार्थियों को पी.एच.डी. उपाधि प्रदान की जा रही है।
• सत्र 2024-25 में स्नातक स्तर पर 3582 विद्यार्थियों (बी.टेक. 2455, बी.आर्क. 12, बी.ए.एल.एल.बी. 102, बी.बी.ए.एल.एल.बी. 21, बी.एच.एम.सी.टी. 102, बी.फार्म 633, एल.एल.बी. 257 आदि) को उपाधि दी जा रही है।
• परास्नातक स्तर पर 1545 विद्यार्थियों (एम.फार्म 240, एम.टेक. 59, एम.बी.ए. 976, एम.सी.ए. 153, एल.एल.एम. 88 आदि) को डिग्री प्रदान की जा रही है।
• 37 स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक वितरित किए गए। बी.टेक. की ओवरऑल टॉपर सुश्री गुंजन भटनागर (तुलास इंस्टीट्यूट) को श्रीमती विनोद देवी अग्रवाल मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा।
वर्तमान में विश्वविद्यालय में कुल 26,115 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 22,229 स्नातक, 3,816 परास्नातक एवं 121 शोधार्थी शामिल हैं। विश्वविद्यालय के शोधार्थियों द्वारा 37 पेटेंट पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 25 प्रकाशित हो चुके हैं। अब तक 34,257 उपाधियां डिजिलॉकर के माध्यम से प्रदान की जा चुकी हैं।
नई पहलों में एआई लिटरेसी मिशन, COE स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग लैब, EVORA APP, EVORA उत्तराखण्ड एनवायरनमेंट गार्डियन APP, सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम तथा भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्रों का शुभारंभ शामिल है। आई.आई.टी. रोपड़, आई.आई.टी. रुड़की तथा जर्मनी के संस्थान के साथ एम.ओ.यू. किए गए हैं।
मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अतिथि के उद्बोधन
राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह ने वीर माधो सिंह भण्डारी के साहस, तकनीकी कौशल एवं समाज सेवा को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी सृजन करने वाले बनें। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य में “एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस” और 2047 तक “कॉस्मिक इंटेलिजेंस” के रूप में देखने की बात कही तथा भारत द्वारा इस क्रांति का नेतृत्व करने पर जोर दिया। उन्होंने कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर के नेतृत्व की सराहना की।
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह परिश्रम और सपनों की उपलब्धि का उत्सव है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा 350 नियमित पदों पर नियुक्ति, 16 करोड़ रुपये की निधि स्वीकृति तथा कर्मचारियों के वेतन-भत्तों के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से आंगनवाड़ी एवं प्राथमिक विद्यालय गोद लेने का आह्वान किया।
डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों से समाज हित में ज्ञान का उपयोग करने, AI, रोबोटिक्स, डाटा साइंस में दक्षता बढ़ाने तथा आपदा प्रबंधन, अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “सपने खुली आँखों से देखिए और उन्हें पूरा करके ही रुकिए।”
अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम
• सभी 14 पी.एच.डी. शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की गई।
• एआई लिटरेसी एवं स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग विवरणिका का विमोचन।
• मुख्य अतिथि द्वारा उपाधियों पर डिजिलॉकर में डिजिटल हस्ताक्षर।
• EVORA उत्तराखण्ड एनवायरनमेंट गार्डियन APP एवं सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम की विवरणिका का विमोचन।
विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. राजेश उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर ने की।
समारोह में उत्तराखण्ड के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति—प्रो. एन.के. जोशी (श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय), प्रो. सुरेखा डंगवाल (दून विश्वविद्यालय), प्रो. प्रवेन्द्र कौशल, प्रो. मनमोहन सिंह चौहान, प्रो. भानु दुग्गल आदि—तथा विश्वविद्यालय की कार्य परिषद्, विद्या परिषद्, शिक्षकगण, अधिकारीगण एवं छात्र-छात्राओं के परिजन उपस्थित रहे।
यह समारोह उत्तराखण्ड में तकनीकी शिक्षा, शोध, नवाचार एवं समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ। सभी उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।
