16.8 C
Dehradun
Wednesday, February 25, 2026
Google search engine
Homeराज्य समाचारपौड़ी गढ़वाल: डीएम ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल...

पौड़ी गढ़वाल: डीएम ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस

पेयजल समस्याओं पर जिलाधिकारी का एक्शन प्लान, रूट कॉज एनालिसिस से स्थायी समाधान और जवाबदेही तय

पेयजल योजनाओं की परत-दर-परत जांच के निर्देश, डीएम ने अधिकारियों को प्रोएक्टिव मोड में किया सक्रिय

फील्ड स्तर पर जवाबदेही तय, कनिष्ठ अभियंताओं को नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

हर योजना की जिम्मेदारी होगी तय, डीएम ने विभागवार गांवों का विवरण साझा करने के दिए निर्देश

*सूचना।
जल जीवन मिशन एवं पेयजल से संबंधित शिकायतों की विस्तृत समीक्षा बैठक आज जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जनसुनवाई मंचों जनता दरबार, ‘जन जन की सरकार’ कार्यक्रम तथा तहसील दिवस में प्राप्त पेयजल शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए उनके त्वरित एवं स्थायी समाधान के लिए अधिकारियों को स्पष्ट एवं समयबद्ध निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य आमजन की पेयजल संबंधी समस्याओं का केवल निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि उनके मूल कारणों को चिन्हित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से विश्लेषण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बैठक में प्राप्त शिकायतों में से कुछ प्रमुख मामलों को केस स्टडी के रूप में लेते हुए उनके मूल कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया गया, ताकि प्रणालीगत कमियों की पहचान कर प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से विभाग को प्रोएक्टिव मोड में कार्य करने में मदद मिलेगी और भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा, जिससे आमजन को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

जिलाधिकारी ने कनिष्ठ अभियंताओं को पेयजल योजनाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिये तथा प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांवों में पानी की आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना फिटर द्वारा तत्काल कनिष्ठ अभियंता को दी जाए और लीकेज, वाल्व, वितरण प्रणाली एवं इंटेक चैंबर से संबंधित समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी फिटर के संपर्क नंबर पंचायत भवनों में चस्पा किए जाएं, ताकि आमजन सीधे संपर्क कर सकें। उन्होंने कहा कि जहां कोई कार्मिक तैनात नहीं है, ऐसे स्थानों की सूची तैयार कर आवश्यक तैनाती सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने जल संस्थान, जल निगम एवं जल जीवन मिशन के सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों की विस्तृत सूची तैयार कर आपस में साझा करें, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और किसी भी कार्य का अनावश्यक दोहराव न हो। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जा सकेगा कि किस विभाग के अंतर्गत कौन-सी पेयजल योजना संचालित हो रही है। इससे न केवल योजनाओं की जिम्मेदारी सुनिश्चित होगी, बल्कि उनकी नियमित एवं प्रभावी निगरानी भी संभव हो सकेगी, जिससे पेयजल व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाया जा सके।

टाटरी गांव की पेयजल समस्या की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने निर्देश दिए कि किसी भी गांव का कोई भी परिवार पेयजल सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए तथा सभी गांवों में शत-प्रतिशत घरों तक नल कनेक्शन देकर पूर्ण संतृप्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ गांवों में अभी कुछ कनेक्शन छूटे हुए हैं, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इसका विस्तृत विश्लेषण करते हुए स्वागत संज्ञान लें और 15 दिन के भीतर आवश्यक कार्यवाही कर सभी छूटे हुए परिवारों को पेयजल सुविधा से आच्छादित करना सुनिश्चित करें।

बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर पेयजल स्रोतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी डिवीजनों को निर्देशित किया कि ऐसी पेयजल योजनाओं का डीपीआर के अनुरूप पुनः सर्वे कराकर 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि जहां स्रोत में पानी की कमी है, वहां वैकल्पिक स्रोतों का चिन्हीकरण, स्रोत संवर्द्धन, रिचार्ज कार्य, आवश्यकता अनुसार पंपिंग व्यवस्था अथवा योजना के पुनर्गठन जैसे ठोस समाधान प्रस्तावित कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल की जा सके। साथ ही पुराने लंबित मामलों को चिन्हित कर उनका प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नगर क्षेत्रों में लीकेज जैसी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष मरम्मत दल गठित करने के निर्देश दिए, जो एक घंटे के भीतर मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करें।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर पेयजल योजनाओं से संबंधित समस्याएं सामने आ रही हैं, वहां संबंधित ठेकेदारों से समन्वय स्थापित कर संवाद के माध्यम से शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। साथ ही उन्होंने वित्त विभाग, अभियंताओं एवं जल संस्थान के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए, जो जमीनी स्तर पर निरीक्षण करते हुए डीपीआर एवं माप पुस्तिका (एमबी) के अनुरूप कार्यों का भौतिक सत्यापन करेगी। उन्होंने बताया कि समिति यह सुनिश्चित करेगी कि स्वीकृत मानकों के अनुसार कार्य वास्तविक रूप से संपादित हुए हैं या नहीं, जिससे योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

विकासखंड पाबौ के ग्राम कलूण में ‘हर घर जल’ योजना के अंतर्गत कार्यों की गुणवत्ता संबंधी शिकायत पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि यदि नई पाइप खरीदी गई हैं तो उनकी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के द्वितीय चरण का कार्य जिस डिवीजन द्वारा किया गया है, उसकी गुणवत्ता एवं पूर्णता के लिए वही डिवीजन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगी।

जिलाधिकारी ने जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का पूरा विवरण उपलब्ध कराने तथा यह प्रमाणित करने के निर्देश दिए कि संबंधित कार्य जल जीवन मिशन के अंतर्गत शामिल नहीं हैं, ताकि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित किये जाने के साथ साथ जिम्मेदारी भी तय की जा सके। उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों तथा अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पंपिंग स्टेशनों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो। साथ ही पंपिंग योजनाओं में मुआवजे की मांग के संबंध में अधिकारियों ने अवगत कराया कि पेयजल योजनाओं में मुआवजे का प्रावधान नहीं है, जिस पर जिलाधिकारी ने योजनाओं के नियमों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।

जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जो योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, यदि उनमें कोई तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या है तो उनका समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने ‘रिपोर्टेड’ एवं ‘सर्टिफाइड’ नल कनेक्शनों के बीच अंतर को शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए, जिससे वास्तविक स्थिति के अनुरूप आंकड़े उपलब्ध हो सकें। जिन योजनाओं की पूर्णता तिथि में देरी हो रही है, उनमें ठेकेदारों के साथ बैठक कर बाधाओं को दूर करते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।

जिलाधिकारी ने थर्ड पार्टी निरीक्षण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा तथा पाइपलाइन का कार्य मानकों के अनुरूप भूमिगत ही होना चाहिए। उन्होंने नियमित रूप से शिकायत प्राप्त होने वाले क्षेत्रों की सूची तैयार कर समस्या के मूल कारणों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी पेयजल योजनाओं में योजना संबंधी विवरण का बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने को कहा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने 15 मार्च तक सभी लंबित एटीआर (कार्यवाही प्रतिवेदन) पूर्ण कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

‘कैच द रैन’ अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद की सभी जल स्रोतों एवं जल संरचनाओं का विवरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए, जिससे जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन की दिशा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, अधिशासी अभियंता जल निगम पौड़ी नवनीत कटारिया, कोटद्वार आशीष मिश्रा, अधिशासी अभियंता जल संस्थान कोटद्वार अभिषेक वर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम अजय बेलवाल, जल जीवन मिशन कनुप्रिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News