इस बार चार धाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं। ऐसे में चार धाम यात्रा में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों को रजिस्ट्रेशन के अनुसार ही श्रद्धालुओं को चार धाम यात्रा की अनुमति देने के लिए निर्देश दिए हैं। इस क्रम में बिना रजिस्ट्रेशन, बिना पंजीकरण यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और ऐसा करने वाले टूर ऑपरेटरों के खिलाफ शख्ति की गई है। 10 मई से शुरू चार धाम यात्रा में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है । देश के कई राज्यों गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से श्रद्धालु दर्शन करने को उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। बद्रीनाथ गंगोत्री यमुनोत्री से ज्यादा क्रेज केदारनाथ धाम का है। इन दिनों केदारनाथ में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है । यात्रा की शुरुआती हफ्ते में ही करीब पौने दो लाख तीर्थ यात्री बाबा केदार के दर्शन करने को पहुंचे चुके हैं। यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित करने और सुरक्षित यात्रा के लिए सरकार ने रजिस्ट्रेशन सिस्टम का शक्ति से पालन करने का निर्देश दिया है। इस बीच फर्जी पंजीकरण के दर्शन के लिए पहुंचने के लिए भी कई मामले सामने आ रहे हैं ।शुक्रवार को गंगोत्री जा रही दो बसों में बैठे 88 यात्रियों की पंजीकरण तिथि गलत पाई गई। पंजीकरण केंद्र हिना में चेकिंग के दौरान इस फजिवाडे का खुलासा हुआ। सरकार सुरक्षित और सुव्यवस्थित चार धाम यात्रा के लिए पूरी तरीके से प्रतिबद्ध है । हालांकि व्यवस्था के लिहाज से यात्रा का शुरुआती समय हमेशा से चुनौती पूर्ण रहता है फिर भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को आगे रखकर सभी प्रबंध किए गए हैं। इसी क्रम में रजिस्ट्रेशन के अनुसार यात्रा की अनुमति देने के निर्देश भी दिए गए हैं । शुक्रवार को बिना पंजीकरण के केदारनाथ जा रहे 260 यात्री वाहनो को रुद्रप्रयाग में रोका गया।
