मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारों धामों में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को 31 तारीक तक स्थगित करने का ऐलान किया है। पूर्व में यह रोक 25 में तक थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से चार धामों में क्षमता के अनुसार ही श्रद्धालु भेजने को कहा है। सचिवालय में चार धाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए धामी ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा है उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया है की यात्रा रजिस्ट्रेशन के अनुसार जो तिथि मिली है उसके अनुसार ही दर्शन के लिए आए। धामी के निर्देश दिए की चार धाम में श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन की जो क्षमता तय की गई है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए श्रद्धालु भेजे जाए। रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को और मजबूत बनाए जाने पर भी जोर दिया गया है। परिवहन राजस्व पुलिस विभाग संयुक्त रूप से चेक पोस्ट पर इसकी निगरानी करेंगे । मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चारों धाम के सभी मार्गों में एंट्री पॉइंट के साथ ही विकास नगर यमुना पुल धनोल्टी सुआकोली में भी चेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए । मुख्यमंत्री धामी ने चार धाम यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुचाने के लिए शासन की वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करने के निर्देश दिए हैं । उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए की यातायात प्रबंधन और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें और चारों धामों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जाए । मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम में उत्तराखंड की लाइफ लाइन है यह यात्रा राज्य की आर्थिक की से भी जुड़ी है। धामी ने चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों रुद्रप्रयाग चमोली उत्तरकाशी के डीएम से वर्चुअल माध्यम से चार धाम यात्रा से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही चार धाम मंदिर परिसरों के 50 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन के उपयोग में सरकार ने रोक लगा दी है । धामों में रील बनाकर भ्रामक सूचनाओं फैलाने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी ।
