सख्त नकल विरोधी कानून लाने के बावजूद इस तरह के मामलों का उजागर होना बहुत ही गंभीरता का विषय
उत्तराखंड में आयोग पेपर लीक होने की खबर से मचा हड़कंप : पुलिस ने बॉबी पंवार को लिया हिरासत में
पेपर लीक होने की खबर से बेरोजगार युवाओं में भारी आक्रोश

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा एक बार फिर सुर्खियों का विषय बन चुका है आखिर कब तक उत्तराखंड के बेरोजगार युवा इस तरह की ठगी का शिकार होंगे।
बता दें कि रविवार को परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद पेपर लीक होने का दावा सामने आया, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। धामी सरकार द्वारा सख्त नकल विरोधी कानून लाने के बावजूद इस तरह के मामलों का उजागर होना बहुत ही गंभीरता का विषय माना जा रहा है।
वहीं दूसरी और पेपर लीक मामले में एसओजी हरिद्वार ने बॉबी पंवार के सोशल मीडिया में उठाये सवालों पर पूछताछ की है।
आज दोपहर लगभग सोशल मीडिया पर वायरल हुए पेपर के 3 पेज के स्क्रीनशॉट से अभ्यर्थियों में भारी रोष है। यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि शनिवार को एसटीएफ और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने कुख्यात नकल माफिया हाकम सिंह रावत और उसके सहयोगी पंकज गौड़ को देहरादून से गिरफ्तार किया है। एक ऑडियो भी वॉयरल हो रहा है जिसमें कोटद्वार के एक अभ्यर्थी से 15 लाख में चयन करवाने का दावा किया जा रहा है।
वहीं दूसरी और आयोग के अध्यक्ष का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने माना है कि पेपर के तीन पेज लीक हुए हैं।उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन गणेश शंकर मर्तोलिया ने हाल ही में पेपर लीक मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परीक्षा के प्रश्न पत्र से जुड़े तीन पन्ने बाहर आए हैं।
चेयरमैन ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे, जिससे यह सवाल उठता है कि इतने सुरक्षा के बावजूद ये पेपर बाहर कैसे आए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए आयोग स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक चल रही है और विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की जा रही है।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष और बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बॉबी पंवार ने फेसबुक पर दावा किया कि परीक्षा का पेपर शुरू होते ही बाहर आ गया था। उन्होंने कहा कि हर बार पेपर लीक कैसे हो जाता है? सरकार और आयोग जवाब दें। पंवार ने वायरल स्क्रीनशॉट का हवाला देते हुए तत्काल जांच की मांग की।

