चमोली के सेरा और धुर्मा गांव में भारी तबाही, छाया भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त, कई मवेशी बहे, खेत खलिहान तबाह
गोपेश्वर। उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों में मूसलाधार बारिश ने भारी कर भरपाया है। भारी बारिश ने पहाड़ों से लेकर मैदान तक भारी तबाही मचा दी है ।
वहीं कल रात चमोली जिले के नंदानगर प्रखंड एक बार फिर भीषण आपदा की चपेट में आ गया। मंगलवार रात बादल फटने से यहां पांच लोगों के लापता होने की सूचना है, जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं दूसरी और गांव के 6 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और चार मकान टूटने की कगार में है। कई गांवों में मकान और खेत खलिहान तबाह हो गए।

आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत नंदानगर के वार्ड कुन्तरि लगाफाली में भारी बारिश और मलबा आने से छह भवन क्षतिग्रस्त हुए। दो लोगों को सकुशल निकाल लिया गया, जबकि पांच अब भी लापता हैं। नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव में भी चार से पांच भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
मोक्ष नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से सेरा गांव में सबसे अधिक तबाही हुई। कई घर मलबे में दब गए। जुलाई में तबाही झेल चुका सेरा गांव एक बार फिर प्रकृति की मार झेल रहा है। महिपाल सिंह, अवतार सिंह और पुष्कर सिंह के आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। खेत-खलिहान भी बुरी तरह नष्ट हो गए।
वहीं बताया जा रहा है कि बागड़ बस्ती के ऊपर बादल फटने से भारी मलबा नदी में उतरा, जिससे उसने अपना रुख बदल लिया और सेरा गांव में घुस गया। इस कारण कई मकान और दुकानें बह गए। नंदानगर के बांजबगड़, फफाली और कुंतरी में भी घर मलबे में दब गए हैं।
आपदा के बाद इलाके का सड़क और बिजली संपर्क पूरी तरह टूट गया है। पेट्रोल पंप और कई दुकानों में मलबा भर गया। बिजली आपूर्ति बंद होने से मोबाइल सेवा भी ठप है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी तक संदेश पहुंचा कर जल्द राहत और बचाव की मांग की है।

