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आधुनिक युग में एआई की है महत्वपूर्ण भूमिका : एआई को प्रयोग सदैव मानवता की सेवा में करें: लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में “फेथ एंड फ्यूचर : इंटेग्रटिंग एआई विद स्पिरिचुअलिटी” विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का क्या शुभारंभ

भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा को विश्व तक पहुंचाने मैं आई की होनी चाहिए महत्वपूर्ण भूमिका : लोकसभा अध्यक्ष

हरिद्वार : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा आयोजित इंडियन एआई समिट में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला , सीएम एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को सदैव मानवता की सेवा करनी चाहिए और इसे मनुष्य पर नियंत्रण का साधन नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज अनेक क्षेत्र में आई का उपयोग हो रहा है आई का आध्यात्मिक मूल्यों के साथ समावेश होना चाहिए ए के माध्यम से पूरी दुनिया तक भारत के ज्ञान संस्कृति को पहुंचाने की दिशा में सार्थक पहल होनी चाहिए विज्ञान व अध्यात्म का संबंध में को साथ लेकर चले लोकसभा अध्यक्ष ने आशा व्यक्त की की तकनीकी समाचार के माध्यम से भाभी पीढ़ी सुदृढ़ हो इस दिशा में देव संस्कृति विश्वविद्यालय कार्य करेगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई को आध्यात्मिक ज्ञान और नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ा जाना आवश्यक है, तभी यह समाज के लिए कल्याणकारी शक्ति बन सकता है।

बिरला ने यह उद्गार हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में “फेथ एंड फ्यूचर : इंटेग्रटिंग एआई विद स्पिरिचुअलिटी” अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए। यह सम्मेलन फ्यूचर ऑफ लाइफ इंस्टीट्यूट (अमेरिका) के सहयोग से आयोजित किया गया है।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए श्री बिरला ने कहा कि प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य मानव जीवन को समृद्ध और उन्नत करना है, उसे प्रतिस्थापित करना नहीं। उन्होंने कहा कि यद्यपि एआई अनेक चुनौतियाँ प्रस्तुत करता है, किन्तु इसमें नवाचारपूर्ण समाधानों के बीज भी निहित हैं।

भारत की नैतिकता और सत्य की मूलभूत शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को विश्व स्तर पर साझा किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एआई भारत की प्राचीन ज्ञान और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने का सशक्त माध्यम बन सकता है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि एआई जैसी शक्तिशाली तकनीक को विवेक और धैर्य के साथ संतुलित किया जाना चाहिए ताकि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि करुणा, सहानुभूति और मानवीय मूल्यों के आधार पर ही एआई और आध्यात्मिकता का संगम सही दिशा में आगे बढ़ेगा और एक न्यायसंगत एवं समानतामूलक भविष्य की नींव रखेगा।

भारत के प्राचीन आदर्श “वसुधैव कुटुम्बकम्” (सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है) और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” (सभी सुखी हों) का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि एआई का विकास समावेशी और समानतामूलक होना चाहिए, ताकि इसके लाभ सम्पूर्ण मानवता तक पहुँच सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आध्यात्मिकता और विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित एआई सम्मेलन का आयोजन करने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय और डॉक्टर चिन्मय पांडे का मैं आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में ज्ञान विज्ञान और अध्यात्म का एक आदितिय संगम देखने को मिलता है। हमारी सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास का आधारित नहीं है बल्कि एक गहरी वैज्ञानिक दृष्टिकोण , चिंतन और शोध का परिणाम है। हमारी सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है बल्कि एक गहरी वैज्ञानिक दृष्टिकोण चिंतन और शोध का परिणाम भी है

सीएम धामी ने कहा कि आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ एआई व्यापक रूप से हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है। एआई तकनीक हमारे दैनिक जीवन को न केवल आसान बना रही है बल्कि उद्योग में, चिकित्सा, शिक्षा , कृषि, और अनेक क्षेत्रों में नवाचार की प्रगति का भी प्रमुख कारण बन रही है। यही यदि हम इस शक्ति का सही दिशा में सही प्रकार से उपयोग करें तो हम अनेकों क्षेत्र में सुधार कर सकते हैं और यह जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा आस्था एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए स्थापित विशेष आयोग के एशियाई क्षेत्र में कमिश्नर डॉक्टर चिन्मय पांड ने कहा कि वर्तमान में एआई केवल तकनीक की क्षेत्र का सीमित नहीं है ,बल्कि यह‌ शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। हालांकि इसके साथ ही नैतिकता गोपनीयता डेटा सुरक्षा तथा रोजगार पर इसके प्रभाव को लेकर कई चिंताएं भी सामने आ रही हैं।।

इस अवसर पर भारत सरकार की एआई मिशन के सीईओ डॉक्टर अभिषेक सिंह , रॉबर्ट ट्रेगर, विलियम जॉन्स, स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, स्टुअर्ट रसेल, जॉन टैलिन, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर सचिन चतुर्वेदी आदि अनेक विशेषज्ञ ने भी अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर कार्यक्रम में विधायक मदन कौशिक, विधायक स्वामी यतीश्रवरानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्य मंत्री डॉ जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश, सुनील सैनी , जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल , उपाध्यक्ष एचआरडी अंशुल सिंह मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोड़े सहित देव संस्कृति के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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