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पर्वतीय राज्यों के लघु उद्योगों और शिल्पकारों के लिए ‘भारत मार्ट’ आशा की नई किरण: त्रिवेन्द्र

‘भारत मार्ट’ बनेगा वैश्विक व्यापार का केंद्र: श्री जितिन प्रसाद

नई दिल्ली। हरिद्वार से सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद में भारत मार्ट के विषय में पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने भारत मार्ट के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की हैं। उन्होंने बताया कि भारत मार्ट की परिकल्पना भारतीय व्यापारियों, निर्यातकों और निर्माताओं को वैश्विक बाजारों तक पहुँच दिलाने के लिए की गई है। इसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ होने की आशा है। यह परियोजना संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली फ्री जोन (JAFZA) में स्थापित की जा रही है, जो जेबेल अली पोर्ट और अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित है – जिससे इसे मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरेशिया जैसे क्षेत्रों तक लागत-कुशल और त्वरित पहुँच मिलेगी।

भारत मार्ट के प्रमुख लक्ष्यों में वस्त्र एवं परिधान, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, इंजीनियरिंग वस्तुएँ, ऑटोमोटिव पुर्जे, स्वास्थ्य सेवा और हस्तशिल्प जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के निर्यात को बढ़ावा देना।भारत-यूएई सीईपीए (Comprehensive Economic Partnership Agreement) के तहत उपलब्ध लाभों का पूर्ण दोहन। भारतीय निर्यातकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक अवसर उपलब्ध कराना।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत मार्ट में शोरूम, वेयरहाउस, डिस्प्ले-आधारित रिटेल स्पेस, बैक एंड पूर्ति और लाइट मैन्युफैक्चरिंग स्पेस उपलब्ध कराए जाएंगे, जो छोटे, मध्यम और बड़े सभी स्तर के उद्यमों के लिए उपयुक्त होंगे। इसके अलावा मंत्री जी ने बताया कि यह परियोजना डीपी वर्ल्ड, निर्यात संवर्धन परिषदों, भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ और प्रमुख उद्योग संगठनों के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही है, ताकि भारत मार्ट के भीतर सशक्त उद्योग क्लस्टर विकसित किए जा सकें।

सांसद श्री त्रिवेन्द्र रावत ने कहा कि भारत मार्ट केवल एक व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि भारत के निर्यात सामर्थ्य को वैश्विक क्षितिज तक विस्तार देने वाला मिशन है। यह विशेष रूप से उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों के छोटे उद्योगों और शिल्पकारों के लिए एक नया द्वार खोल सकता है।

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