देहरादून, 03 अगस्त। ‘छत्रपति शिवाजी सेना’ ने आज उत्तराखंड में अपनी प्रदेश इकाई का औपचारिक गठन कर देवभूमि में ‘हिन्दवी स्वराज्य’ के संकल्प को दोहराया। सनातन संस्कृति की रक्षा और राष्ट्रवादी प्रेरणा के उद्देश्य से गठित इस संगठन ने उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए कर्मठ कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण पदभार सौंपे।
कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन एकता शक्ति उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र दत्त शर्मा और तुंगनाथ मंदिर के पूर्व रावल पंडित हरिकृष्ण किमोठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ओर से राहुल चौहान को उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष और सुमित सिंघल को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया। हरिकृष्ण किमोठी और संजय गर्ग को उत्तराखंड संरक्षक मनोनीत किया गया।
युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष शुभम पंडित, प्रदेश महासचिव मनीष मित्तल, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रतीक गोयल, प्रदेश मीडिया प्रभारी नीतेश वर्मा, और प्रदेश सचिव सुखपाल सिंह सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य ने इसे सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु एक ऐतिहासिक पहल बताया।
संगठन ने अपने प्रमुख उद्देश्यों को दोहराया, जिनमें गुरुकुलों और मंदिरों का संरक्षण, सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार, हिन्दू समाज को संगठित करना, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का प्रतिकार और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार शामिल है।
अर्चित आर्य ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल संगठन का विस्तार नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा सनातन धर्म, संस्कृति और शौर्य की पुनर्स्थापना है।” शीघ्र ही जनजागरण और सनातन संरक्षण हेतु अनेक अभियानों की रूपरेखा घोषित की जाएगी।