अधिवक्ता संदीप चमोली के नेतृत्व में SSP देहरादून के माध्यम से DGP को ज्ञापन, बोले- CM धामी की घोषणा अभी तक अधर में
विक्रम श्रीवास्तव देहरादून, 03 मई 2026
उत्तराखंड पुलिस के उन जवानों का दर्द अब चुपचाप सहन नहीं हो रहा है, जिन्होंने अपनी जवानी इस वर्दी को सौंप दी, लेकिन 20 साल बाद भी उन्हें उनका हक नहीं मिला।
अधिवक्ता संदीप चमोली के नेतृत्व में प्रदेश के प्रमुख सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के माध्यम से पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में गहरी पीड़ा के साथ कहा गया कि वर्ष 2001-02 में भर्ती हुए 700 से अधिक कांस्टेबल अब अपनी सेवा के 20-25 वर्ष पूर्ण कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक ₹4600 ग्रेड पे का लाभ नहीं दिया गया है। कई अनुभवी जवान इस लंबित अन्याय के कारण मानसिक तनाव झेल रहे हैं और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने को मजबूर हो रहे हैं।
खास बात
संगठनों ने याद दिलाया कि माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2021 में पुलिस स्मृति दिवस पर इन कांस्टेबलों को ₹4600 ग्रेड पे देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक उस घोषणा को अमली जामा नहीं पहनाया गया है।
मुख्य मांगें
• 2001-02 बैच के कांस्टेबलों को तुरंत ₹4600 ग्रेड पे का लाभ।
• मुख्यमंत्री की 2021 की घोषणा का शीघ्र क्रियान्वयन।
• उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन।
• 15 दिनों में समिति गठित कर तीन माह में स्थायी समाधान।
अधिवक्ता संदीप चमोली ने कहा, “ये जवान दिन-रात ड्यूटी पर तैनात रहकर प्रदेश की सुरक्षा करते हैं, लेकिन उनके परिवारों में आज भी आर्थिक तंगी और अन्याय का साया है। अब और इंतजार नहीं किया जा सकता।”
संगठनों ने अपील की है कि पुलिस बल की रीढ़ माने जाने वाले इन कांस्टेबलों की न्यायोचित मांग को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उनके मनोबल को नुकसान न पहुंचे।
20 वर्ष की मेहनत के बाद भी अधर में लटकी उम्मीद: 4600 ग्रेड पे की मांग पर 700 कांस्टेबलों का दर्द, सौंपा ज्ञापन
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