मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अंकिता के पिता से करुंगा बात: किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, हम हर जांच के लिए तैयार
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में चल रही सियासी घमासान के बीच आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दलों पर हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और सरकार ने इस दिशा में पूरी गंभीरता संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य किया है।
सचिवालय मीडिया हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएम धामी ने कहा कि इस जघन्य अपराध की निष्पक्षता एवं गहन जांच के लिए महिला अधिकारी श्रीमती पी रेणुका देवी की अध्यक्षता में SIT का गठन किया गया है। समिति ने मामले में सभी पहलुओं की गहराई से जांच की है। न्यायालय में सरकार की सशक्त और प्रभावी पैरवी की परिणाम स्वरुप तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच पर न केवल निचली अदालत बल्कि माननीय उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है जो जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है। वर्तमान में किसी अधिकृत ऑडियो क्लिप के आधार पर प्रदेश में अनावश्यक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जबकी वास्तविकता यह है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी गंभीरता से अपनी निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है और दोषियों को कड़ी सजा मिल चुकी है।।
सीएम धामी ने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति करने के लिए और भी कई विषय हैं, लेकिन बेटी अंकिता को सियासी हथियार न बनाया जाए।
तीन साल पहले घटित हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम सामने आने पर विपक्ष सहित तमाम सामाजिक संगठन सरकार से सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। बीते कई दिनों से अभिनेत्री उर्मिला सनावर के सिलसिलेवार वीडियो ने सोशल मीडिया ही नहीं पूरे प्रदेश में राजनीतिक भूचाल ला दिया है। उर्मिला अपने वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड की परतें खोलने का दावा कर रही है वहीं वीआईपी नामों को लेकर भी पार्टी के ही वरिष्ठ नेताओं पर आरोप लगा रही है। इस सियासी घमासान के बीच आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस वार्ता कहा की उत्तराखंड की बेटी के साथ पूरा न्याय होगा।
