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उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा ने इटेंसिव केयर सेंटर (ICC) का किया निरीक्षण

 

देहरादून। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. गीता खन्ना ने आज साधु राम विद्यालय स्थित इंटेंसिव केयर सेंटर (ICC) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बच्चों के समग्र विकास हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशन में यहां सराहनीय कार्य हो रहा है तथा पूरी टीम बेहतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी को अपना शत-प्रतिशत योगदान देना होगा तथा केंद्र के रखरखाव पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

 

डॉ. खन्ना ने निर्देशित किया कि केंद्र में आने वाले सभी बच्चों के लिए पर्याप्त एवं पद्येकराम से अतिरिक्त उपयोगी पुस्तकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही बच्चों में स्वच्छता एवं साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने पुर विशेष ध्यान रखा जाए तथा केंद्र परिसर एवं दीवारों को साफ और स्वच्छ बनाए रखा जाए।

उन्होंने सुझाव दिया कि इंटेंसिव केयर सेंटर में समर कैंप का आयोजन किया जाए, जिसमें बाहरी बच्चों को भी भाग लेने की अनुमति दी जाए, ताकि वंचित वर्ग के अधिक से अधिक बच्चे इसका लाभ उठा सकें और उनके बौद्धिक एवं व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा मिल सके।

डॉ. गीता खन्ना ने केंद्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशन में यहां सराहनीय कार्य हो रहा है तथा पूरी टीम बेहतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी को अपना शत-प्रतिशत योगदान देना होगा तथा केंद्र के रखरखाव पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई से संपूर्णा भट्ट, कविता पांडे तथा ICC केंद्र से संबंधित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

इसके उपरांत डॉ. खन्ना ने साधु राम विद्यालय का भी निरीक्षण किया, जिसमें विद्यालय की लाइब्रेरी का अवलोकन किया गया। वाहन सीलन और दीमक से पुस्तकों का बुरा हाल दिखा निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर के बाहर पड़ी निर्माण सामग्री को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि इसे 48 घंटे के भीतर हटाया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि उपयोगी एवं पठनीय पुस्तकों को पुनर्वास केंद्र में स्थानांतरित किया जाए, जिससे वहां रह रहे बच्चों को लाभ मिल सके। जर्जर स्थिति में मौजूद पुस्तकों को हटाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि अन्य पुस्तकों को नुकसान न पहुंचे। इन सभी कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए गए।

डॉ. खन्ना ने विद्यालय के ऑब्जर्वर को निर्देशित किया कि उन्हें विद्यालय में संचालित सभी गतिविधियों की जानकारी होनी चाहिए साथ ही शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि वहाँ के कार्यकारिणी के सदस्य कुछ पूर्व छात्रों के साथ समन्वय बैठक कर इसका पुनर्धार सुनिश्चित करना होगा उन्होंने कहा कि यह विद्यालय शहर का एक प्राचीन एवं प्रतिष्ठित संस्थान है, जहां से अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शिक्षित हुए हैं।

विकासनगर स्थित सेंट मेरी विद्यालय में कक्षा 10 की एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की हालिया घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि वर्तमान समय में अभिभावकों को बच्चों के साथ अधिक समय बिताना चाहिए, उनकी भावनाओं को समझना चाहिए तथा उनके साथ नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक एवं मनोवैज्ञानिक विकास पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। अभिभावकों को समय-समय पर बच्चों की मानसिक स्थिति को समझना चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
अंत में डॉ. गीता खन्ना ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के प्रति संवेदनशील रहते हुए सामूहिक प्रयास किए जाएं।

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