समान कार्य के लिए समान वेतन का तत्काल जारी हो शासनादेश
कर्मचारियों के साथ सरकार वादाखिलाफी ना करे
सूर्यकांत धस्माना
देहरादून: सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेशों व हड़ताली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए लिखित आश्वासन के पंद्रह दिनों बाद भी उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के आदेश पंद्रह दिन पूर्व दिए गए लिखित आश्वासन के बावजूद आज तक जारी ना होना सरकार की नियत पर संदेह पैदा कर रहा है यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वे ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि सरकार ऐसा अनेक बार कर चुकी है और कर्मचारियों की वर्ष २०२१ अप्रैल में चली ५६ दिनों की हड़ताल में भी दो दो मंत्रियों के आश्वाशन के बाद उपनल कर्मचारियों को केवल धोखा मिला और इस बार भी जब कर्मचारियों के पास अपने पक्ष में हाई कोर्ट नैनीताल व सुप्रीम कोर्ट का फैसला था तब भी पंद्रह दिनों तक सड़क पर धरना व भूख हड़ताल आर उनको उठाने के लिए इस बार सरकार ने लिखित आश्वासन दिया किंतु पंद्रह दिन बीत जाने पर भी आज की तिथि तक सरकार ने अपने वादे को नहीं निभाया और कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया जो सरकार की वादा खिलाफी की ओर इशारा कर रहा है। श्री धस्माना ने कहा कि कांग्रेस सरकार से शासनादेश तत्काल जारी करने की मांग करती है और माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार सभी उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के साथ साथ सभी के चरणबद्ध नियमित करने के कार्यक्रम की स्वीकृति व घोषणा करने की मांग करती है।सादर
सूर्यकांत धस्माना
वरिष्ठ उपाध्यक्ष
प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड
