यूपीएस ने किया BEST सेंटर का शुभारंभ: भारत का पहला विश्वविद्यालय बना जिसने पूर्ण इम्पैक्ट असेसमेंट पूरा किया
• इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट 2024–25 और ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन रिपोर्ट जारी
• मेकाट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन सहित उन्नत कौशल प्रशिक्षण पर फोकस
देहरादून, 6 अप्रैल 2026: यू.पी.ई.एस., एक अग्रणी बहुविषयी और शोध-आधारित विश्वविद्यालय, ने आज अपने ‘यूनिवर्सिटी फॉर टुमॉरो’ विज़न की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, PVSM, UYSM, AVSM, VSM (सेवानिवृत्त) द्वारा दो प्रमुख पहलों का अनावरण किया गया। विश्वविद्यालय ने अपनी इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट 2024–25 और ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन रिपोर्ट जारी की, जिसके लिए इसे ‘अस्पायर इम्पैक्ट’ द्वारा ‘गोल्ड लीफ’ प्रमाणन प्रदान किया गया। साथ ही, देहरादून परिसर में बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग (BEST) सेंटर का उद्घाटन भी किया गया।
इस उपलब्धि के साथ, यू.पी.ई.एस. भारत का पहला विश्वविद्यालय बन गया है जिसने स्कोप 1, 2 और 3 उत्सर्जनों को शामिल करते हुए एक व्यापक, मानक-आधारित इम्पैक्ट असेसमेंट और पूर्ण GHG अकाउंटिंग को एकीकृत रूप से पूरा किया है। इस मूल्यांकन के आधार पर, विश्वविद्यालय को ‘अस्पायर इम्पैक्ट’ से ‘गोल्ड लीफ’ प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जिसमें इनक्लूज़न (प्रोडक्ट/सर्विस इम्पैक्ट) और एमिशन मैनेजमेंट (प्लैनेट इम्पैक्ट) में प्लेटिनम स्तर का प्रदर्शन दर्ज किया गया है। यह मान्यता समाज, स्थिरता और गवर्नेंस के क्षेत्रों में मापनीय प्रभाव के साथ अकादमिक उत्कृष्टता को जोड़ने की यू.पी.ई.एस. की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह असेसमेंट ‘अस्पायर इम्पैक्ट’ के 4P फ्रेमवर्क — प्रोडक्ट, पीपल, प्लैनेट और पॉलिसी — पर आधारित है, जो शिक्षा क्षेत्र के लिए एक मानक-आधारित पद्धति है और QS तथा NAAC मानकों के अनुरूप है। यू.पी.ई.एस. वर्ष 2031 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और प्रति व्यक्ति कार्बन फुटप्रिंट को कम कर रहा है, जो यह दर्शाता है कि सतत विकास अब परिसर में वास्तविकता बन चुका है।
इम्पैक्ट असेसमेंट से सामने आए प्रमुख तथ्यों में यह शामिल है कि यू.पी.ई.एस. के 48% छात्र वंचित समुदायों से आते हैं, 32% कार्यबल में महिलाएँ हैं, 100% कर्मचारियों को स्वास्थ्य और सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त हैं, और विश्वविद्यालय 100% अपशिष्ट जल का उपचार शून्य-डिस्चार्ज प्रणाली के माध्यम से करता है। ये उपलब्धियाँ इस बात को रेखांकित करती हैं कि यू.पी.ई.एस. अपने संचालन और विकास के हर स्तर पर जिम्मेदारी, समावेशन और स्थिरता को शामिल कर रहा है।
इस अवसर पर उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा, “यू.पी.ई.एस. यह दिखाते हुए एक राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है कि विश्वविद्यालय किस प्रकार समावेशन, स्थिरता और सुशासन के क्षेत्रों में मापनीय प्रभाव उत्पन्न कर सकते हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों से अपेक्षा की जाती है कि वे युवा मस्तिष्कों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कौशल, रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना से भी सुसज्जित करें। ‘नए भारत’ का दृष्टिकोण ऐसे संस्थानों की मांग करता है जो शिक्षा और उद्योग, शोध और व्यवहारिक अनुप्रयोग, तथा विकास और स्थिरता के बीच की दूरी को पाट सकें।”
यू.पी.ई.एस. ने बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग (BEST) सेंटर का भी उद्घाटन किया, जो एक व्यावहारिक, उद्योग-संरेखित केंद्र है, जिसका उद्देश्य डिप्लोमा और बी.टेक छात्रों को तेजी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। मेकाट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन, मोशन कंट्रोल और सेंसर टेक्नोलॉजी, तथा इंडस्ट्री 5.0 और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित यह केंद्र छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा, कक्षा और वास्तविक दुनिया के बीच की दूरी को कम करेगा, और उन्हें भविष्य के लिए तैयार पेशेवर बनाएगा।
यू.पी.ई.एस. के वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय ने कहा, “एक ‘यूनिवर्सिटी फॉर टुमॉरो’ के रूप में, हम संस्थान के हर आयाम में प्रभाव को शामिल कर रहे हैं, जिसे कठोरता से मापा जाता है और निरंतर बेहतर बनाया जाता है।” BEST सेंटर के बारे में उन्होंने आगे कहा, “BEST सेंटर का शुभारंभ इंजीनियरिंग शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, प्रासंगिक और उद्योग की वास्तविकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यू.पी.ई.एस. में हमारा मानना है कि भविष्य उन्हीं शिक्षार्थियों का है जो सिद्धांत से व्यवहार, और कक्षा की अवधारणाओं से वास्तविक समस्याओं के समाधान तक आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकते हैं।”
उद्घाटन समारोह में बजाज ऑटो लिमिटेड के चीफ ह्यूमन रिसोर्सेस ऑफिसर, श्री रवि किरण रामासामी ने भी संबोधित किया और कौशल विकास, रोजगार क्षमता तथा इंजीनियरिंग स्नातकों से उद्योग की बदलती अपेक्षाओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सुनील राय के संबोधन से हुई और समापन डॉ. राम शर्मा, प्रेसिडेंट, यू.पी.ई.एस. के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री मनीष मदान, रजिस्ट्रार, यू.पी.ई.एस. और डॉ. सचिन शर्मा, सेंटर हेड, यू.पी.ई.एस.-BEST सहित अन्य गणमान्य अतिथि, संकाय और कर्मचारी उपस्थित रहे।
इन दोनों पहलों के माध्यम से यू.पी.ई.एस. एक ऐसे संस्थान के रूप में उभर रहा है, जो अपने प्रभाव को मापने में गंभीर है, जिम्मेदारी के साथ कार्य करता है और भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने पर केंद्रित है। स्थिरता, समावेशन, रोजगार क्षमता और उद्योग-संरेखण के माध्यम से यू.पी.ई.एस. न केवल अकादमिक परिणामों, बल्कि छात्रों, समाज और पर्यावरण के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
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