श्री दरबार साहिब में संगतों के पहुंचने का क्रम हुआ तेज़
सजने लगा श्री दरबार साहिब रौनकों में लगे चार चांद
शुक्रवार को संगतें कंधों पर नए ध्वज दण्ड को लेकर एसजीआरआर बाम्बे बाग से श्री दरबार साहिब लेकर आएंगी
देहरादून। आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम के रूप में प्रसिद्ध श्री झण्डे जी मेला की तैयारियों के साथ ही श्री दरबार साहिब परिसर में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है। गुरुवार को दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों के साथ लंगर सेवा दी। होली पर्व के उपरांत श्री दरबार साहिब की रौनक और भी बढ़ गई है। देश-विदेश से आने वाली संगतों के आगमन से श्री दरबार साहिब परिसर भक्ति भाव से सराबोर होता जा रहा है। संगतों की बढ़ती संख्या के साथ ही मेले की चहल-पहल तेज हो गई है और पूरा वातावरण “श्री गुरु राम राय जी महाराज की जय जयकार” के जयकारों से गुंजायमान होने लगा है।


श्री दरबार साहिब परिसर इन दिनों विशेष रूप से सजाया जा रहा है। मेला बाजार में दुकानों की साज-सज्जा को लेकर दुकानदारों के चेहरों पर उत्साह साफ झलक रहा है। मेले में लगने वाले विभिन्न आकर्षक झूले भी कारीगरों द्वारा अंतिम रूप से तैयार कर लिए गए हैं। कुल मिलाकर श्री झण्डे जी मेले की रौनकों में चार चांद लगने लगे हैं और पूरा परिसर भक्ति, उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर दिखाई दे रहा है।
देश के विभिन्न हिस्सों से, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखण्ड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान से श्रद्धालु गुरुवार देर शाम तक श्री दरबार साहिब पहुंचते रहे। मेला प्रबंधन समिति का अनुमान है कि पवित्र श्री झण्डे जी (पवित्र ध्वज दण्ड) के आध्यात्मिक दर्शन के लिए लाखों की संख्या में संगत व श्रद्धालु श्री दरबार साहिब पहुंचेंगे। यह ऐतिहासिक और आस्था का महापर्व 26 मार्च 2026 को रामनवमी के पावन अवसर पर सम्पन्न होगा।
गुरुवार को नियमित दैनिक पूजा-अर्चना के उपरांत दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने संगतों को दर्शन दिए। इस अवसर पर श्री महाराज जी ने अपने संदेश में सभी राज्यवासियों एवं देशवासियों को श्री झण्डे जी मेले की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए मेले की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने पर बल दिया।
श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति द्वारा मेला तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्री दरबार साहिब के लंगर हॉल में संगतों के लिए लंगर प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। इस समय संगतों की सेवा के लिए तीन बड़े लंगर निरंतर चल रहे हैं, जहां दूर-दराज से आने वाली संगतों को प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा है।
श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति के मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने जानकारी देते हुए बताया कि मेला आयोजन स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से 42 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम शुक्रवार से मेला अस्पताल में उपलब्ध रहेगी। अस्पताल की ओर से श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दवाइयों की व्यवस्था भी की गई है। मेला स्थल पर चिकित्सा सुविधा को सुदृढ़ रखने के लिए दो एम्बुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी।
इसके अतिरिक्त मेला स्थल पर अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से 25 फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं। श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति की ओर से 35 वर्दीधारी सुरक्षा गार्ड तथा लगभग 500 संगत स्वयंसेवक मेला व्यवस्था, अनुशासन व्यवस्था और संचालन कार्यों के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ सेवारत रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसी क्रम में शुक्रवार दिनांक 6 मार्च 2026 को एक अत्यंत पावन और भावनात्मक धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, बॉम्बे बाग से संगतें नए ध्वज दण्ड को अपने कंधों पर उठाकर श्री दरबार साहिब लेकर जाएंगी। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपरा को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
इस पावन क्षण के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से संगतें पहले ही श्री दरबार साहिब पहुंच चुकी हैं। श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज की अगुवाई में शुक्रवार सुबह 7ः30 बजे संगतें एसजीआरआर पब्लिक स्कूल बॉम्बे बाग से नए ध्वज दण्ड को लेकर प्रस्थान करेंगी।
संगतें पवित्र ध्वज दण्ड को अपने कंधों पर उठाए टीएचडीसी चौक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, पटेल नगर के सामने से होते हुए लाल पुल चौक पहुंचेंगी और वहां से मातावाला बाग मार्ग से होते हुए अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ ध्वज दण्ड को श्री दरबार साहिब में पहुंचाएंगी। इस दौरान पूरा मार्ग “ श्री गुरु राम राय जी महाराज की जय जयकार” के जयकारों से गूंज उठेगा और संगतों की भक्ति-भावना का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।
