आज जिस तरह से प्रदेश में ऐल पी जी गैस सिलेंडर को ले कर लोग परेशान है ये बड़े दुख की बात है, वहीं दूसरी तरफ़ सरकार बोल रही है की गैस सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है और स्थित सामान्य है वही दूसरी तरफ़ गैस एजेंसियों के बाहर तड़के सुबह से लेकर शाम तक लंबी लंबी क़तारें सरकार के इन सभी दावों की पोल खोल रही हैं। एजेंसियों के फ़ोन नंबर लग नहीं रहे जहाँ पहले सिलिंडर बुक करने के लिए सिर्फ़ दो से चार दिन का इंतज़ार करना पड़ता था वही आज शहरी इलाक़ों में २५ दिन का समय और ग्रामीण छेत्रों में ये समय सीमा ४५ दिन तक कर दी गई है ये सभी स्थितियां दर्शा रही हैं की स्थित सामान्य नहीं है। आज देश और प्रदेश में गैस सिलेंडर या पेट्रोल डीज़ल की कमी की वजह से जो संकट उत्पन्न हुआ है उसकी ज़िम्मेदार डबल इंजन की सरकार है और जब इस बात पर सदन में कांग्रेस विधायक ने प्रश्न पूछा तो मंत्री ने कहा कि ये विषय हमारा नहीं केंद्र का है केंद्र की ज़िम्मेदारी है सवाल ये है कि केंद्र में भी भाजपा की सरकार है तो प्रदेश के लोगों के हित के लिए सरकार की ये ज़िम्मेदारी बनती हैं की केंद्र से माँग करे कि हमारे प्रदेश के लोगों को किसी तरह की दिक्कत ना हो।
गणेश गोदियाल ने कहा की २०१४ में ये सरकार नारे लगाती थी की बहुत हुई महंगाई की मार अबकी बार जिनकी सरकार है उनकी सरकार,पर जनता आज इतनी त्रस्त है की जनता बोल रही है की बहुत हुई महंगाई की मार उखाड़ फेको ये धोखेबाज सरकार, भाजपा सरकार ने देश और प्रदेश के लोगों के भरोसे पर कुठाराघात किया है जनता ने झूठे वादों पर भरोसा किया और अच्छे दिनों की चाह में भाजपा को सत्ता सौंपी परंतु आज जानता असलियत देखने के बाद बोल रही है की कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन क्यूंकि वो बुरे दिन बहुत अच्छे थे जिसमे सिलेंडर ५६० का मिलता था और आज अच्छे दिनों में १००० पार पहुँच गया है, पेट्रोल ६३ रुपए था आज ९५ पार पहुँच गया है। जानता त्राहिमाम त्राहिमाम कर रही है और धामी जी और उनके मंत्रियों के कान में जूँ तक नहीं रेंग रही है। आज स्थित ऐसी हो गई है की बात आम जानता के चूल्हे तक पहुँच गई है ये बेहद चिंता का विषय है, घरेलू दिक्कतों के साथ साथ कमर्शियल सिलेंडर की भी किल्लत हो रही है कमर्शियल गैस सिलिंडरों की कमी का असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा कारोबार पर भी पड़ने लगा है। केंद्र सरकार की नई एडवाइजरी और बाटलिंग प्लांट से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति लगभग ठप सी हो गई है। पिछले तीन-चार दिनों से एजेंसियों तक पर्याप्त मात्रा में कमर्शियल सिलिंडर नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में कई छोटे रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
स्टॉक में बचे इक्का-दुक्का सिलिंडर भी खत्म होने की कगार पर हैं। कुछ रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने खाद्य पदार्थों के दामों में बढ़ोतरी भी कर दी है। कारोबारियों का कहना है कि गैस के अलावा खाना पकाने का कोई दूसरा सस्ता और आसान विकल्प नहीं है। यदि डीजल भट्टी या लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल करना पड़े तो खर्च काफी बढ़ जाएगा। कारोबारियों का मानना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो इसका असर बाजार और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है।
गोदियाल ने कहा कि आज की स्थित दर्शा रही है की देश में विदेश नीति जीरो है और सरकार हमारी सम्प्रभुता के साथ समझौता कर रही है आज सरकार अपने पुराने मित्रों के साथ ना खड़े होकर अमेरिका के सामने सरेंडर कर चुके हैं हमारी नीतियां हमारा व्यापार आज अमेरिका तय कर रहा है आज दूसरा देश हमे बता रहा है की किससे तेल लेना है किससे नहीं किसके साथ व्यापार करना है किसके साथ नहीं। आज विश्व का छोटे से छोटा देश में विश्व में चल रहे घटनाक्रम पर अपनी राय रख रहा है परंतु भारत में मोदी सरकार ट्रम्प के दबाव में मुंह में दही जमाकर बैठी है।
गोदियाल ने कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ और आम जानता को परेशानी हुई तो कांग्रेस जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़कों पर संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी।
डॉ प्रतिमा सिंह
वरिष्ठ प्रवक्ता
