आयुध निर्माणी देहरादून के कर्मचारियों में पदोन्नति (Promotion) में हो रही देरी को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) के आह्वान पर ‘आयुध निर्माणी मजदूर संघ’ (BMS यूनियन) द्वारा निर्माणी परिसर में सभी कर्मचारियों ने काले पीते लगाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
*न्यायालय के आदेश के बाद भी लटका प्रमोशन*
यूनियन का आरोप है कि विभिन्न उच्च न्यायालयों द्वारा आदेश दिए जाने के बावजूद प्रशासन मास्टर क्राफ्ट्समैन (MCM) से चार्जमैन (Chargeman) के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया को जानबूझकर अटका रहा है। महीनों बीत जाने के बाद भी फाइलें आगे नहीं बढ़ने से कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे गया है।
*पदोन्नति रुकने से ‘चेन रिएक्शन’ का असर*
कर्मचारियों ने बताया कि पदोन्नति न होने के कारण एक पूरी श्रृंखला प्रभावित हो रही है:
MCM के पद खाली नहीं:- क्योंकि MCM का प्रमोशन चार्जमैन के पद पर नहीं हो रहा है, इसलिए MCM के पद रिक्त नहीं हो पा रहे हैं।
HS-1 कर्मचारियों का नुकसान: MCM के पद खाली न होने से ‘उच्च कुशल-1’ (Highly Skilled-1) के पद पर कार्यरत कर्मचारी पदोन्नत नहीं हो पा रहे हैं।
श्रमिक अधिकारों का हननः समय पर प्रमोशन न मिलने से कर्मचारियों को न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि यह उनके श्रमिक अधिकारों का भी उल्लंघन है।
आंदोलन की रूपरेखाः-
तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन में
प्रथम दिन काले फीते लगाकर किया विरोध प्रदर्शन
दूसरे दिन दोपहर के भोजन का बहिष्कार
तीसरे दिन नारे बाजी और मुख्य महाप्रबंधक के माध्यम से महानिदेशक OFB को भेजा ज्ञापन-पत्र
विरोध प्रदर्शन जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
इस अवसर पर BPMS के कार्यकारणी सदस्य उज्ज्वल त्यागी, यूनियन अध्यक्ष देवाशीष शर्मा, महामंत्री पंकज कुमार शर्मा, नीरज कुमार, मो अर्शी, धीरेंद्र त्यागी, मो ईलास, जितेंद्र कुमार, बसंत गुप्ता, संजीव गौड़, अनुज कुमार, चरण सिंह, राजकुमार इत्यादि बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
