राज्य वासियों से की स्थानीय उत्पादों की खरीद की अपील
मुख्यमंत्री से की कुम्हारों को मिट्टी उपलब्ध कराने की मांग

देहरादून: उत्तराखंड के कुम्हारों को अपने सामान बनाने के लिए पीली मिट्टी नहीं मिल पा रही है जिससे देहरादून के सैकड़ों कुम्हार प्रजापति परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है या बात कल ईदगाह कुम्हार मंडी में दीपावली के लिए लोकल कुम्हारों द्वारा बनाए गए मिट्टी के दिए व गमले खरीदने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना से स्थानीय निवासी छोटे लाल ने कही। तीन पीढ़ियों से कुम्हार मंडी ईदगाह में रह रहे छोटे लाल की अगली पीढ़ियों भी मिट्टी के बर्तन दिए घड़े गमले बनाने व बेचने का काम करते हैं और इस मोहल्ले में बड़ी संख्या में उनकी बिरादरी के लोग इसी कारोबार को करते हैं किन्तु अब देहरादून में राजधानी बनने के बाद जमीनें महंगी हो गईं आस पास के ग्रामीण इलाके भी श्री हो गए और मिट्टी की उपलब्धता भी बहुत सीमित हो गई इसलिए उनका यह पुश्तैनी काम अब खतरे में पड़ गया है । श्री छोटे लाल ने कहा कि अब आधे से ज्यादा सामन बाहर से मंगवाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार उनको पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के सहारनपुर से मिट्टी लाने की अनुमति दे तो उनका कारोबार और कला दोनों बच सकते हैं। श्री धस्माना ने श्री छोटे लाल को आश्वाशन दिया कि वे मुख्यमंत्री को इस संबंध में आज ही पत्र लिखेंगे व उनसे मिल कर इस समस्या के समाधान के बारे में वार्ता करेंगे। श्री धस्माना ने कुम्हार मंडी से दीपावली के लिए मिट्टी के दिए गमले आदि सामान खरीदा व देहरादून तथा राज्य के सभी नागरिकों से दीपावली के शुभ अवसर पर स्थानीय छोटे व मंझोले दुकानदारों से स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की।
सादर
सूर्यकांत धस्माना
वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड

