जिला प्रशासन जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी
पिथौरागढ़ टनल हादसा- बाकी 11 मजदूरों से भी लगातार संपर्क जारी
हादसे के समय 19 कर्मचारी सुरंग के भीतर काम कर रहे थे
8 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया
बीआरओ लगातार मलबा हटा रहा, पर्याप्त मशीनरी और सुरक्षा बल तैनात
पावर हाउस को कोई बड़ी क्षति नहीं
मौके पर जिलाधिकारी सहित आला अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं
पिथौरागढ़। धारचूला के ऐलागाड़ स्थित भूमिगत एनएचपीसी पावर हाउस की टनल के मुहाने पर आज अचानक गिरे मलबे और भारी पत्थरों से सुरंग का रास्ता अवरुद्ध हो गया, जिसमें अंदर काम कर रहे 19 कार्मिक फंस गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, बीआरओ, एनएचपीसी, एनडीआरएफ और सीआईएसएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया।
राहत की बात यह है कि अब तक 8 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाकी 11 कार्मिक भी सुरक्षित हैं और प्रशासन उनसे लगातार संपर्क बनाए हुए है।
गनीमत यहां है कि सुरंग में आपातकालीन किचन और भोजन की व्यवस्था पहले से उपलब्ध होने के कारण स्थिति नियंत्रण में है। जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि सुरंग के मुहाने से मलबा पूरी तरह हटा लिया गया है और इमरजेंसी शाफ्ट को लगातार साफ किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने स्पष्ट किया कि धौलीगंगा पावर स्टेशन को कोई बड़ी क्षति नहीं पहुंची है।
जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं और लगातार बचाव अभियान चल रहा है। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और बचाव कार्य तेज़ी से जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बाकी 11 मजदूरों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। टनल का मुहाना भूस्खलन से पूरी तरह बंद हो गया था, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। प्रशासन ने तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। भारी मशीनरी और स्थानीय श्रम बल की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने मजदूरों के परिवारों को आश्वस्त किया है कि सभी को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।