उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार के संयुक्त निदेशक प्रो. ए. एस. उनियाल द्वारा आहूत राज्य की सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों की ऑनलाइन बैठक में प्रोफेसर डॉ. जे. एम. एस. राणा ने सक्रिय सहभागिता की। बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न शैक्षणिक एवं अकादमिक विषयों के साथ-साथ विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान तथा भारत बोधआईकेएस राष्ट्रीय परीक्षा पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रो. डॉ. जे. एम. एस. राणा ने अपने संबोधन में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की भूमिका, परीक्षा के उद्देश्य, संरचना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा विशेषकर बोधआईकेएस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों को भारतीय बौद्धिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनके अकादमिक दृष्टिकोण को भी सशक्त बनाएगी।
इस ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के 140 से अधिक महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्राचार्य एवं रजिस्ट्रार जुड़े, जिसके सकारात्मक परिणाम तत्काल देखने को मिले। बैठक के पश्चात एक ही दिन में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया, जो परीक्षा के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व देहरादून स्थित विभिन्न शिक्षण संस्थानों—जैसे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, शिवालिक कॉलेज, जेबीआईटी, माया देवी विश्वविद्यालय एवं डॉल्फिन संस्थान सहित अनेक महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में भारत बोधआईकेएस परीक्षा के पोस्टर का लोकार्पण किया जा चुका है, जिससे परीक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता बनी।
बैठक के अंत में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि आने वाले दिनों में और अधिक संस्थान एवं विद्यार्थी इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा से जुड़ेंगे, जिससे भारतीय ज्ञान प्रणाली को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी।
