Homeराज्य समाचारनंदा की चौकी पुल में 12 घंटे में लौटी रफ्तार:  सीएम धामी...

नंदा की चौकी पुल में 12 घंटे में लौटी रफ्तार:  सीएम धामी के जवाबदेह शासन ने जीता लोगों का भरोसा

 

नेतृत्व की पहचान भाषणों से नहीं, बल्कि संकट के समय लिए गए फैसलों से होती है। देहरादून के नंदा की चौकी में सोमवार सुबह भारी बारिश के बीच नए पुल की एप्रोच रोड धंसने से जब हजारों लोगों की आवाजाही थम गई, तब लोगों को लगा कि परेशानी कई दिनों तक चलेगी। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात की गंभीरता को देखते हुए इंतजार नहीं किया। अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया, मशीनें उतारी गईं और राहत कार्य युद्धस्तर पर शुरू हुआ। नतीजा यह रहा कि महज 12 घंटे के भीतर सड़क फिर से यातायात के लिए खोल दी गई। एम्बुलेंस चली, लोग अपने गंतव्य तक पहुंचे और पूरे घटनाक्रम ने यह संदेश दिया कि धामी सरकार संकट को लंबा नहीं खींचती, उसका समाधान तलाशती है।

*फैसला तुरंत, अमल उससे भी तेज*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा कि जनता की परेशानी किसी भी कीमत पर लंबी नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने लगातार अधिकारियों से अपडेट लिया और राहत कार्य में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियां एक साथ मैदान में उतरीं। कुछ ही घंटों में बंद पड़ा मार्ग फिर से खुल गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि सरकार ने इंतजार नहीं किया, बल्कि मौके पर उतरकर दिखाया कि तेज फैसले कैसे लिए जाते हैं।

*धामी का संदेश—विकास चाहिए तो गुणवत्ता भी चाहिए*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि नया पुल पूरी तरह सुरक्षित है और केवल एप्रोच रोड को नुकसान पहुंचा था, जिसे तत्काल ठीक कर दिया गया। उन्होंने दो टूक कहा कि सड़क और पुल निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। यदि जांच में किसी अधिकारी, इंजीनियर या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यानी राहत कार्य जितनी तेजी से होगा, जवाबदेही भी उतनी ही सख्ती से तय होगी।

*नेतृत्व वही, जो भरोसा लौटाए*
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में मानसून हर साल कठिन परीक्षा लेकर आता है। ऐसे समय में जनता केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाला काम देखती है। नंदा की चौकी की घटना में धामी सरकार ने दोनों मोर्चों पर संदेश दिया, एक तरफ रिकॉर्ड समय में सड़क बहाल कर लोगों को राहत दी, दूसरी ओर गुणवत्ता और जवाबदेही पर सख्त रुख अपनाया। यही संतुलन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली को अलग पहचान देता है।

*लापरवाही पर सख्ती, जनता के हित पर पूरी नजर*
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि तेज बारिश और बहाव के कारण एप्रोच रोड के नीचे से मलबा बह गया था। मुख्य अभियंता को जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्माण में किसी तरह की चूक सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय है। विभाग का लक्ष्य प्रदेश में बंद सड़कों को अधिकतम 24 घंटे के भीतर खोलना है और उसी दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

नंदा की चौकी में 12 घंटे के भीतर बहाल हुआ यह रास्ता सिर्फ आवागमन शुरू होने की खबर नहीं, बल्कि उस भरोसे की वापसी की कहानी है, जो हर नागरिक अपने नेतृत्व से चाहता है। तेज निर्णय, त्वरित कार्रवाई और जनता को सर्वोच्च प्राथमिकता, यही वह कार्यशैली है जिसने एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की मजबूत छाप छोड़ी।

Static 1 Static 1
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

STAY CONNECTED

123FansLike
234FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest News