हल्द्वानी। हल्द्वानी में दिल दहला देने वाली घटना घटना सामने आई है जहां नए साल की छुट्टियों में परिवार के साथ नैनीताल घूमने आए काशीपुर निवासी एक व्यक्ति ने हल्द्वानी में होटल के कमरे के भीतर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार स्थित देवभूमि होटल की है, जहां मृतक ने अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बेटे के सामने यह खौफनाक कदम उठाया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मरने से पूर्व युवक ने फेसबुक लाइव कर जमीन घोटाले को लेकर गंभीर आरोपों लगाए।
मृतक की पहचान सुखवंत सिंह, निवासी पैगा, काशीपुर (ऊधम सिंह नगर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ नैनीताल घूमने आया था और गौलापार के होटल में ठहरा हुआ था। देर रात करीब 2:30 बजे उसने कमरे के भीतर खुद को गोली मार ली। गोली सिर के दाहिने हिस्से से लगकर बाईं ओर से निकल गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने पत्नी और बेटे के सामने खुद को गोली मारने की कोशिश की थी। इस दौरान हथियार को लेकर छीना-झपटी हुई, जिसमें पत्नी और बच्चे को हल्की खरोंचें आईं। जान बचाने के लिए दोनों मदद मांगने होटल के रिसेप्शन की ओर चले गए। इसी बीच कमरे में अकेले रह गए सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मार ली।
गोली की आवाज से मचा हड़कंप, आवाज सुनते ही होटल में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर काठगोदाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कमरे से हथियार बरामद किया गया है। पुलिस फोरेंसिक जांच के साथ-साथ मृतक की पारिवारिक पृष्ठभूमि और आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
आत्महत्या से कुछ समय पहले सुखवंत सिंह फेसबुक लाइव पर आया था, जिसमें उसने ऊधम सिंह नगर पुलिस और एसएसपी पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में उसने कहा कि उस पर झूठे मुकदमों का दबाव बनाया जा रहा था और एक बड़े प्रॉपर्टी विवाद में उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। उसने दावा किया कि करीब चार करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में उसे जबरन फंसाया गया और समझौते के लिए मानसिक दबाव डाला जा रहा था। फेसबुक लाइव में सुखवंत सिंह ने कहा कि पिछले चार महीनों से वह मानसिक प्रताड़ना झेल रहा था और उसे कहीं से न्याय की उम्मीद नहीं बची थी। उसने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की थी।
- मृतक के परिजनों ने जमीन के सौदे में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। मृतक के पिता अजय सिंह के अनुसार, उनके बेटे से करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। जमीन की डील के नाम पर केवल 50 लाख रुपये का एक प्लॉट दिया गया, जो बाद में फर्जी निकला। इसके अलावा करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपये अलग-अलग तरीकों से ले लिए गए। परिजनों का कहना है कि जमीन 7 से 7.5 एकड़ बताई गई थी, लेकिन न तो सही रजिस्ट्री कराई गई और न ही रकम वापस की गई।
घटना के बाद परिजनों और रिश्तेदारों ने पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
