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लेखक गांव में आयोजित हुआ साहित्यिक उत्सव:  अटल बिहारी वाजपेयी जयंती पर लेखक् गांव में हुआ भव्य काव्य पाठ

 

अटल जी की कविताओं से गूंजा आकाशअटल

अटल बिहारी वाजपेयी जयंती पर लेखक् गांव में आयोजित हुआ भव्य काव्य पाठ।।कार्यक्रम मे विद्यालयी स्तर पर साहित्यिक उत्सव: अटल जी की कविताओं से गूंजा आकाशअटल। बिहारी वाजपेयी जयंती के पावन अवसर पर लेखक गांव में साहित्य और संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला।

लेखक द्वारा आयोजित इस हृदयस्पर्शी काव्य पाठ कार्यक्रम ने न केवल महान कवि-राजनेता अटल जी की स्मृति को जीवंत किया, बल्कि नई पीढ़ी को उनकी रचनाओं से जोड़ने का सुंदर प्रयास किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड एवं केंद्रीय मंत्री रहे डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को चार चांद लगा दिए। विशिष्ट अतिथियों में ख्यातिलब्ध हिंदी साहित्यकार डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल जी तथा ओ ,एन् जी सी मे प्रबंधक , जयप्रकाश पांडे जी ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को और भी समृद्ध बनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार,सेवा निर्वत्त डॉ. सविता मोहन जी ने की, जिनके मार्गदर्शन में आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हुआ। लेखक गाव की निदेशक श्रीमती विदुषी निशंक भी विशेष अतिथि के रूप मे कार्यक्रम मे उपस्थित थी।।

निर्णायकों की भूमिका में श्रीमती चंद्रा असवाल। गुरु नानक अकादमी से जी तथा डॉ. गीता चौधरी राजा राम मोहन राय अकादमी से रही, जिन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों का निष्पक्ष एवं प्रोत्साहनपूर्ण मूल्यांकन किया।इस आयोजन की सबसे हृदयग्राही विशेषता रही लगभग आठ विद्यालयों से आए 51 प्रतिभाशाली बच्चों की भागीदारी। इन नन्हे मुन्ने कलाकारों ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की अमर कविताओं का भावपूर्ण पाठ किया। उनकी मासूम आवाजों में गूंजती अटल जी की पंक्तियां – जैसे “मृत्यु या कि जीवन, संघर्ष ही तो है जीवन” या उनकी प्रकृति एवं राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत रचनाएं –,तथा कदम मिलाकर चलना होगा ,पंक्ति ने उपस्थित सभी श्रोताओं के मन को छू लिया। बच्चों की यह प्रस्तुति न केवल साहित्यिक थी, बल्कि अटल जी के मूल्यों – साहस, देशभक्ति एवं सरलता – को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का जीवंत माध्यम बनी।यह कार्यक्रम गांव की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने एवं युवा पीढ़ी में काव्य के प्रति रुचि जगाने का एक अनूठा उदाहरण बना। अटल जी की जयंती पर ऐसा आयोजन न केवल उनकी काव्य प्रतिभा को श्रद्धांजलि था, बल्कि भारत में साहित्य के प्रसार की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम भी। उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने अटल जी के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।ऐसे आयोजनों से ही हमारी सांस्कृतिक विरासत जीवंत रहती है और नई पीढ़ी महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेती है। इस् अव्सर् पेर् डॉक्टर राजेश नैथानी भी उपस्थित थे । डॉक्टर रितिका मेहरा की पुस्तक का भी विमोचन इस अवसर पर हुआ,जो एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद है। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संयोजन सनराइज एकेडमी की मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती पूजा पोखरियाल तथा सनराइज एकेडमी की प्रशासनिक अधिकारी और हिन्दी विभागाध्यक्ष श्रीमती मोनिका शर्मा ने किया ।

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