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MDDA Action: गणेशपुर में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला MDDA का बुलडोजर, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

 

प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अवैध लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई जारी

देहरादून में अनियोजित विकास और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा अभियान चलाया। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अवैध लॉटिंग के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत शुक्रवार को गणेशपुर, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 20 से 30 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को चिन्हित किया और जेसीबी मशीनों की मदद से उसे ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण को लगातार मिल रही शिकायतों और जांच के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार गणेशपुर क्षेत्र में इन्द्रजीत, अरुण पाल और विकास नामक व्यक्तियों द्वारा बड़े पैमाने पर बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के भूमि का विकास किया जा रहा था। संबंधित व्यक्तियों ने भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर उसे बेचने की तैयारी कर ली थी। बताया गया कि इस पूरी प्लॉटिंग में न तो प्राधिकरण से लेआउट स्वीकृत कराया गया था और न ही किसी प्रकार की आवश्यक अनुमति ली गई थी।

मामले की शिकायत मिलने के बाद एमडीडीए की टीम ने मौके पर निरीक्षण किया, जिसमें अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि हुई। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण का अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाए गए रास्तों, प्लॉटों की सीमांकन दीवारों तथा अन्य संरचनाओं को जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों की टीम के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध रूप से प्लॉटिंग करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि देहरादून शहर तेजी से विस्तार कर रहा है और इस दौरान कई स्थानों पर बिना अनुमति के कॉलोनियां विकसित करने की कोशिशें भी सामने आ रही हैं। ऐसी अवैध प्लॉटिंग से न केवल शहर का सुनियोजित विकास प्रभावित होता है बल्कि भविष्य में वहां रहने वाले लोगों को भी मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गणेशपुर, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में लगभग 20 से 30 बीघा भूमि पर बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी, जिसे चिन्हित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून के सुनियोजित और व्यवस्थित विकास के लिए यह बेहद जरूरी है कि सभी निर्माण और भूमि विकास कार्य प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप ही किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने या प्लॉटिंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता, भू-उपयोग और प्राधिकरण से स्वीकृति की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि गणेशपुर क्षेत्र में बिना स्वीकृति की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच अवश्य करें। यदि किसी क्षेत्र में अवैध निर्माण या प्लॉटिंग की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना एमडीडीए को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

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