FICCI FLO CONVENTION- 2026 : उत्साह, सार्थक विचार-विमर्श एवं प्रेरणादायक सत्रों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ
FICCI FLO CONVENTION- 2026 द्वितीय दिवस की शुरुआत **उद्घाटन सत्र (Inaugural Day-2)** से हुई। इस अवसर पर **महामहिम राज्यपाल महोदय की धर्मपत्नी एवं फर्स्ट लेडी उत्तराखंड** द्वारा भेजे गए **वीडियो संदेश** का प्रसारण किया गया, जिसमें उन्होंने FICCI FLO द्वारा महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व विकास एवं सतत विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की भूरि-भूरि सराहना की तथा सम्मेलन की सफलता हेतु शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
उद्घाटन सत्र में **मुख्य अतिथि श्रीमती गीता धामी** ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि महिलाएँ यदि संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ें, तो वे न केवल स्वयं को बल्कि पूरे समाज को सशक्त बना सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि **उत्तराखंड की महिलाएँ देशभर में अपनी पहचान रोशन करें और इसी प्रेरणा के साथ कार्य करें**।
इसके पश्चात **“संकल्प से सिद्धि तक”** विषय पर आयोजित सत्र में **सुश्री नेहा जोशी** ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्पष्ट दृष्टि, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
**तकनीकी सत्र-04 (जलवायु परिवर्तन)** के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला **“Sustainability Made Practical: From Everyday Choices to Climate Friendly Business”** में **School of Policy & Governance, Bangalore** द्वारा यह रेखांकित किया गया कि दैनिक जीवन में अपनाए गए छोटे-छोटे निर्णय और व्यवसाय में सतत उपाय किस प्रकार जलवायु-अनुकूल भविष्य के निर्माण में सहायक हो सकते हैं।
**तकनीकी सत्र-05 (वित्तीय साक्षरता)** के अंतर्गत **“Step to Healthy Finances”** विषय पर **WOMENEYSTA, गुरुग्राम** द्वारा महिलाओं को वित्तीय नियोजन, बचत, निवेश एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर **भारतीय जनता पार्टी के कोषाध्यक्ष श्री पुनीत मित्तल** ने वित्तीय प्रबंधन एवं व्यवसाय में प्रभावी मैनेजमेंट की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुदृढ़ वित्तीय समझ किसी भी व्यवसाय की सफलता की कुंजी है।
कार्यक्रम में **प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट** ने महिलाओं को निरंतर आगे बढ़ने, नेतृत्व संभालने एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं **राज्य मंत्री, श्रम विभाग, श्रीमती गीता रावत** ने महिलाओं से संवाद करते हुए श्रम क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका एवं उनके अधिकारों पर विचार साझा किए।
इसके उपरांत आयोजित **तकनीकी सत्र-06 (पैनल चर्चा)** **“Women in Business: Embedding Sustainability at the Core”** में **श्रीमती श्रीलता कृष्णन, बैंगलोर** सहित अन्य विशेषज्ञों ने व्यापार में स्थिरता को मूल तत्व के रूप में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान **श्रीमती लुबना** ने FICCI से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि FICCI FLO ने उन्हें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की दिशा दी है, तथा महिलाओं को भी निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर रहना चाहिए।
सम्मेलन की सफलता में **FICCI FLO Executive Members एवं Convention Team** की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर **कोमल बत्रा**, **नेहा शर्मा (नेशनल गवर्निंग बॉडी मेंबर)**, **त्रिप्ती बहल**, **मीनाक्षी सोती**, **स्मृति बट्टा** एवं **हरप्रीत कौर** की सक्रिय सहभागिता एवं कुशल आयोजन क्षमता की विशेष रूप से सराहना की गई।
अंतिम सत्र के अंतर्गत “Sustainability in Women-Led Businesses at its Core” विषय पर विशेष चर्चा आयोजित की गई, जिसमें डॉ. सुरेखा डंगवाल ने महिलाओं के नेतृत्व में सतत विकास की भूमिका पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विशेष अतिथि श्री श्याम अग्रवाल एवं श्री कैलाश पंत ने भी अपने विचार साझा करते हुए महिला उद्यमिता में पर्यावरणीय एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को आत्मसात करने पर बल दिया।
अंतिम सत्र की समन्वयक (Coordinator) श्रीमती रूपा सोनी रहीं, जिन्होंने सत्र का कुशल संचालन किया। इस सत्र में श्रीमती नीतिका शर्मा, श्री पी.के. जोशी (उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड), अमृत सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एकमत से यह विचार व्यक्त किया कि यदि महिलाएँ व्यापार के केंद्र में स्थिरता (Sustainability) को रखें, तो समाज और पर्यावरण दोनों के लिए सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
कार्यक्रम का समापन **वैलेडिक्टरी सत्र एवं डिस्बर्समेंट** के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा सम्मेलन की समग्र उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया।
**FICCI FLO Convention 2026** का द्वितीय दिवस महिला नेतृत्व, सतत विकास, वित्तीय सशक्तिकरण एवं जिम्मेदार व्यवसाय की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।
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