राजकीय दून चिकित्सालय से कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार द्वारा अस्पताल को अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी मशीन उपलब्ध कराई गई है, जिससे अब उत्तराखंड के मरीजों को उपचार के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे बड़े महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
निदेशक चिकित्सा शिक्षा के निर्देश पर प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने मशीन की स्थापना की प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मशीन के संचालन में आते ही कैंसर उपचार की स्थानीय क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा—जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में अक्सर जीवनरक्षक साबित होता है।
रेडियोथेरेपी क्या है?
रेडियोथेरेपी कैंसर उपचार की एक प्रमुख और प्रभावी विधि है, जिसमें उच्च-ऊर्जा विकिरण के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है या उनकी वृद्धि को नियंत्रित किया जाता है। यह उपचार सर्जरी और कीमोथेरेपी के साथ-साथ कई मामलों में स्वतंत्र रूप से भी दिया जाता है, जिससे रोग नियंत्रण की संभावना बढ़ती है।
पहले विकसित होगी ब्रैकीथेरेपी सुविधा
अस्पताल में प्रारंभिक चरण में ब्रैकीथेरेपी (Brachytherapy) सुविधा विकसित की जा रही है, जिसे रेडियोथेरेपी की उन्नत और अत्यंत सटीक तकनीक माना जाता है। इस प्रक्रिया में विकिरण स्रोत को सीधे ट्यूमर के भीतर या उसके बेहद निकट स्थापित किया जाता है, जिससे उपचार अधिक लक्षित (targeted) हो जाता है।
• आसपास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम नुकसान
• कम साइड इफेक्ट
• अपेक्षाकृत कम अवधि में उपचार
• कई मामलों में बेहतर रिकवरी की संभावना
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक विशेष रूप से सर्वाइकल, प्रोस्टेट, स्तन सहित कई प्रकार के कैंसर में अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।
ऑन्कोरेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. दौलत सिंह का कहना है कि इस अत्याधुनिक सुविधा के शुरू होने से न केवल उपचार की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि मरीजों का समय, धन और मानसिक तनाव भी कम होगा।
वहीं, प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने इसे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह पहल राजकीय दून चिकित्सालय को क्षेत्रीय स्तर पर एक उभरते हुए कैंसर उपचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी।
