सीएम धामी ने पीएम मोदी को दिया चारधाम यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड आने का औपचारिक निमंत्रण दिया और आगामी चारधाम यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया।
भेंट के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी को सुरकंडा देवी मंदिर का स्मृति चिन्ह भेंट किया। दोनों नेताओं के बीच राज्य के विकास, पर्यटन, अवसंरचना और चारधाम यात्रा की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि राज्य में चारधाम यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सरकार यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम कर रही है। इस वर्ष केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है।
धामी ने बताया कि सड़क, स्वास्थ्य, संचार, पार्किंग, आवास और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही पंजीकरण प्रणाली को सरल बनाया गया है और हेल्पलाइन, कंट्रोल रूम व मेडिकल सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल और आपदा प्रबंधन टीमें तैनात की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं की जानकारी भी दी। इनमें ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन तथा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
धामी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ एडवेंचर, ईको और होमस्टे पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। साथ ही बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेली सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी उत्तराखण्ड में चल रही विकास योजनाओं और यात्रा की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया और राज्य सरकार को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक है और यहां की बेहतर व्यवस्थाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेंगी।
यह बैठक चारधाम यात्रा से पहले महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित और सफल बनाने में मदद मिलेगी।
