एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा एक्शन, सात स्थानों पर जड़े ताले
बिना मानचित्र स्वीकृति के बन रही दुकानों और व्यावसायिक निर्माणों पर कार्रवाई, प्राधिकरण ने नियमों का उल्लंघन करने वालों को दी सख्त चेतावनी
राजधानी देहरादून में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान चलाते हुए सात स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। इनमें बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाई जा रही दुकानें और अन्य व्यावसायिक एवं निर्माणाधीन संरचनाएं शामिल हैं। प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना, भवन निर्माण के निर्धारित मानकों का पालन कराना और अनधिकृत निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
*सात स्थानों पर कार्रवाई, अवैध निर्माण किए सील*
प्राधिकरण की टीम ने विद्यासागर मार्ग पर गैस गोदाम के निकट संजीव फरासी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उसे सील किया। इसी तरह सुंदरवाला स्थित विज्ञान विहार कॉलोनी, खलंगा क्षेत्र में छमी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माणाधीन छह दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत मानचित्र स्वीकृत कराए बिना निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रायपुर रोड पर शाह जनरल स्टोर के निकट ऋषभ भंडारी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्मित अवैध व्यावसायिक दुकानों को भी सील किया गया। खलंगा क्षेत्र में अभय प्रताप सिंह द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की।
*देहराखास से सहस्रधारा रोड तक कार्रवाई*
अवैध निर्माणों के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत देहराखास स्थित दून मेडिकल रोड पर अजय शर्मा और सौरभ जैन द्वारा किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। इसके अतिरिक्त अस्थल रोड पर एचआईटी कॉलेज के सामने, थेवा माल देवता रोड क्षेत्र में कपिल और पुलकित द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की गई। इसी क्रम में सहस्रधारा रोड पर विक्रम द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने सभी संबंधित स्थलों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अनधिकृत निर्माणों पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाया।
*निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृति जरूरी*
एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार, शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास बनाए रखने के लिए भवन निर्माण से संबंधित नियमों का पालन आवश्यक है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण होने से न केवल नियोजन व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि भविष्य में सड़क, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। इसी को देखते हुए प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों की निगरानी की जा रही है और शिकायतों एवं निरीक्षण के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के दौरान प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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*मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि* देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। इसके लिए भवन निर्माण से संबंधित नियमों और निर्धारित मानकों का पालन कराया जा रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध निर्माणों को किसी भी स्थिति में बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। प्राधिकरण की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनधिकृत निर्माण पाए जा रहे हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों और भवन निर्माताओं से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराएं और नियमों का पालन करें। प्राधिकरण का अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य शहर का व्यवस्थित विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
*एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि* प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करने वालों को नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अनधिकृत निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार सीलिंग सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

