दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर इंडिया गेट पर धरना: आज उत्तराखंड में कांग्रेस का मशाल जुलूस
राहुल-प्रियंका भी धरने में पहुंचे, तड़के पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
नई दिल्ली/देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान उजागर करने और भाजपा के पूर्व उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन गुरुवार तड़के तक जारी रहा। इंडिया गेट के बाहर धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता समेत कांग्रेस सांसदों और अन्य प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, अंकिता के माता-पिता को करीब एक से डेढ़ घंटे बाद छोड़ दिया गया, जबकि कांग्रेस नेताओं की हिरासत सुबह तक जारी रहने की जानकारी सामने आई।
इस घटनाक्रम के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने गुरुवार शाम प्रदेशभर में मशाल जुलूस और कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जिला, ब्लॉक और न्याय पंचायत मुख्यालयों के साथ ही शहरी एवं अर्द्धशहरी क्षेत्रों में प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
इंडिया गेट पर धरने में शामिल हुए राहुल और प्रियंका गांधी
अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी बुधवार अपराह्न सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के साथ इंडिया गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। दुष्यंत गौतम को 12 अक्टूबर को सिक्किम का राज्यपाल मनोनीत किए जाने के बाद अंकिता के माता-पिता ने उनकी नियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई।
देर शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी धरनास्थल पर पहुंचे। दोनों ने अंकिता के माता-पिता के साथ काफी देर तक धरने में भाग लिया। उनके जाने के बाद कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी और सुप्रिया श्रीनेत सहित कांग्रेस एवं अन्य संगठनों के कार्यकर्ता, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे।
तड़के करीब पौने चार बजे पुलिस ने की कार्रवाई
रातभर चले धरना-प्रदर्शन के बाद गुरुवार तड़के करीब पौने चार बजे बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान इंडिया गेट पहुंचे। पुलिस ने अंकिता के माता-पिता, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, सुप्रिया श्रीनेत और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
इस दौरान अंकिता की मां सोनी देवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि जब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें कहीं धरने पर बैठने नहीं दिया गया, तो वह अपने घर में ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगी।
कांग्रेस नेताओं ने भी अंकिता को न्याय दिलाने की मांग पर आंदोलन जारी रखने की बात कही। पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि अंकिता के माता-पिता जिस तरह का संघर्ष चाहेंगे, पार्टी उसी के अनुरूप आगे बढ़ेगी। उन्होंने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग भी दोहराई।
आज प्रदेशभर में मशाल जुलूस निकालेगी कांग्रेस
दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से गुरुवार शाम राज्यभर में मशाल जुलूस अथवा कैंडल मार्च निकालने का आह्वान किया है। यह कार्यक्रम जिला, ब्लॉक और न्याय पंचायत मुख्यालयों के साथ ही विभिन्न शहरों और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा।
गोदियाल ने कहा कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि आंदोलन के अगले चरण के कार्यक्रम भी जल्द घोषित किए जाएंगे।

