
‘प्रमाणम्’ में सजा अपराध और जांच का मंच, फॉरेंसिक साइंस दिवस पर दिखा छात्रों का हुनर
फेटल वॉक और क्राइम सीन जांच बनी आकर्षण का केंद्र, उत्तरांचल विश्वविद्यालय में मनाया फॉरेंसिक साइंस दिवस
वैज्ञानिक साक्ष्यों से न्याय की राह: ‘प्रमाणम्’ में फॉरेंसिक साइंस का जीवंत प्रदर्शन
*देहरादून, 29 सितंबर: उत्तरांचल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एप्लाइड एंड लाइफ साइंसेज ने फॉरेंसिक साइंस दिवस ‘प्रमाणम्’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम सत्य और न्याय की खोज में वैज्ञानिक साक्ष्य, अन्वेषण तथा फॉरेंसिक विशेषज्ञता की भूमिका को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।*
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तरांचल विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष सुश्री अंकिता जोशी; कार्यकारी निदेशक (एस. ए. एवं सूचना प्रौद्योगिकी) डॉ. अभिषेक जोशी; उत्तरांचल विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा; तथा स्कूल ऑफ एप्लाइड एंड लाइफ साइंसेज के निदेशक प्रो. अजय सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया, जिसके पश्चात गणेश वंदना प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक एवं फॉरेंसिक साइंस आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने अपने अकादमिक ज्ञान को रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल के साथ जोड़ा। प्रस्तुतियों में फॉरेंसिक साक्ष्यों के माध्यम से न्याय तक पहुँचने पर आधारित नाटक, हॉरर डांस तथा इनडोर-आउटडोर क्राइम सीन शामिल रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘फेटल वॉक’ रहा, जिसमें फॉरेंसिक साइंस के विद्यार्थियों ने विभिन्न अपराधों की जाँच और उनसे संबंधित आरोपियों की थीम पर आधारित प्रस्तुतियाँ दीं।
विद्यार्थियों ने SALS भवन के निकट तीन आउटडोर और दो इनडोर क्राइम सीन तैयार किए, जिससे प्रतिभागियों को क्राइम सीन का अवलोकन, साक्ष्य की पहचान, दस्तावेजीकरण तथा अन्वेषण तकनीकों का प्रदर्शन करने का अवसर मिला। इस गतिविधि ने फॉरेंसिक साइंस की व्यावहारिक एवं बहुविषयक प्रकृति को उजागर किया।
उत्तरांचल विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष सुश्री अंकिता जोशी ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की तथा उन्हें अपने व्यावसायिक कौशल विकसित करने, पहल करने और वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं नवाचार के साथ फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह आयोजन प्रो. अजय सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रो. प्रितेश व्यास, श्री देवेश तिवारी (कार्यक्रम समन्वयक), डॉ. अतुल दुबे, श्री ऋषभ सिंह, सुश्री वाणी नरूला, श्रीमती मोनिका भारती तथा अन्य संकाय सदस्यों और छात्र स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन प्रो. प्रितेश व्यास द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कार्यक्रम में योगदान देने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन, गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों, आयोजकों, स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘प्रमाणम्’ के माध्यम से उत्तरांचल विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक अन्वेषण से जोड़ने का मंच प्रदान किया। साथ ही, कार्यक्रम ने अपराध अन्वेषण और न्याय व्यवस्था में फॉरेंसिक साइंस के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित किया।
इस कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विजेताओं को उनकी प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए।
‘आर्सेनिक किलर’ के तौर पर हीबा को पहला इनाम मिला, जबकि ‘साइको नर्स’ के रूप में रश्मि को दूसरा इनाम और आकाशी-शिवांश व नमन-ध्रुविता को तीसरा इनाम दिया गया।
