
डिजिटल भुगतान शुल्क पर व्यापारियों की आवाज बुलंद, वित्त मंत्रालय के साथ हुई अहम बैठक
छोटे कारोबारियों को राहत की उम्मीद, UPI MDR और GST मुद्दों पर सरकार से चर्चा
UPI भुगतान व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने पर मंथन, व्यापारियों की मांगों पर विचार
*वित्त मंत्रालय के साथ अहम बैठक में छोटे और मध्यम कारोबारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख*
नई दिल्ली। UPI MDR और डिजिटल भुगतान से जुड़े शुल्क के मुद्दे पर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल (FAIVM) की सरकार के साथ लगातार बातचीत जारी है। वित्त मंत्रालय के आमंत्रण पर FAIVM के राष्ट्रीय महामंत्री आर.के. गौर और कोषाध्यक्ष राजेश्वर पैन्यूली ने भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया एवं संयुक्त सचिव सौरभ कुमार के साथ करीब एक घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में छोटे और मध्यम कारोबारियों पर डिजिटल भुगतान की लागत कम करने तथा GST से राहत सहित विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। FAIVM के अनुसार, सरकार ने व्यापारियों की मांगों को गंभीरता से सुना और मुद्दों पर सकारात्मक रुख के साथ आगे की प्रकिया जारी रखने का संकेत दिया है।
FAIVM के कोषाध्यक्ष राजेश्वर पैन्यूली ने कहा कि वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का रुख व्यापारियों की समस्याओं के प्रति सकारात्मक और सहयोगात्मक रहा। उन्होंने कहा कि सरकार और व्यापारी एक-दूसरे के पूरक हैं और छोटे कारोबारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद लगातार जारी रहेगा। बताया कि सरकार GST को चार्जेस से पूरी तरह से मुक्त करेगी, इस सम्बन्ध में फाइनेंस मिनिस्ट्री ने प्रिंसिपल सहमति दे दी है. कहा कि सरकार छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत देने के लिए मौजूदा शुल्क व्यवस्था में भी कई रियायतें दे रही है। संगठन ने बताया कि अधिकतम चार्ज को करीब ₹300 तक सीमित रखने जैसे प्रावधानों पर भी चर्चा हुई है। आगे की अतिरिक्त रियायतों पर NPCI से आवश्यक आंकड़े प्राप्त होने के बाद विचार किया जाएगा।
बताया कि बैठक में यह भी चर्चा हुई कि राहत संबंधी प्रस्तावों से होने वाले वित्तीय प्रभाव करीब ₹1,000–1,500 करोड़ की भरपाई के लिए सरकार की ओर सकारात्मक कार्यवाही किया जाना तय है।
उन्होंने कहा कि FAIVM सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य में व्यापारिक समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेगा।
FAIVM सभी व्यापारी बंधुओं से आह्वान करता है कि UPI भुगतान व्यवस्था को देश का मजबूत, आत्मनिर्भर और सेल्फ-सस्टेनेबल डिजिटल पेमेंट मॉडल बनाने में सकारात्मक सोच के साथ सहयोग करें।
UPI केवल भुगतान का माध्यम नहीं, बल्कि देश के डिजिटल आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। हमारा प्रयास हो कि व्यापारी भी सुरक्षित रहें, ग्राहक को सहज और सुविधाजनक भुगतान मिले और UPI व्यवस्था भी लंबे समय तक आत्मनिर्भर बनी रहे।
